30/06/2026
रामलला के चरणों में भक्तों ने केवल धन नहीं, अपना विश्वास रखा था।
यदि उस विश्वास पर किसी ने हाथ डाला है, तो दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए। लेकिन इस घटना की आड़ में भगवान श्रीराम, राममंदिर और पाँच सौ वर्षों के संघर्ष को बदनाम करने का प्रयास भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हमें आस्था भी रखनी है, प्रश्न भी पूछना है और सत्य के साथ एकजुट होकर खड़ा भी होना है।
चढ़ावा चोरी हो सकता है, लेकिन भारत के हृदय से श्रीराम को कोई नहीं चुरा सकता।
जय श्रीराम।