Maharshi Mehi Paramhans Satsang Mandir, Dhangra

Maharshi Mehi Paramhans Satsang Mandir, Dhangra सत्संग का अर्थ भारतीय दर्शन में है "परम सत्य" की संगति, गुरु की संगति !

☘️🍃☘️‼️ॐ श्री सद्गुरुवे नमः‼️☘️🍃☘️  #गुरुकृपा_से_चूर_हड्डी_पूर्ववत्.....🕉️🧘 #दादू_जानै_ना_कोई_संतन_की_गति_गोई #सच्ची_घटन...
28/01/2024

☘️🍃☘️‼️ॐ श्री सद्गुरुवे नमः‼️☘️🍃☘️

#गुरुकृपा_से_चूर_हड्डी_पूर्ववत्.....🕉️🧘

#दादू_जानै_ना_कोई_संतन_की_गति_गोई

#सच्ची_घटना

यह घटना सन् १ ९ ८२ ई ० के अक्टूबर माह की है । शहर नवादा जिला के सम्माननीय श्रीसच्चिदानंद सिंहजी मुजफ्फरपुर में होमगार्ड इंस्पेक्टर थे । ये आवश्यक कार्य के लिए पटना आये हुए थे । रात्रि में इन्हें मुजफ्फरपुर लौटना था । शाम हो गयी थी । गाड़ी छूटने के डर से इन्होंने रिक्शा चालक से कहा- ' मुझे जल्द बस - स्टैंड पहुँचाओ , नहीं तो गाड़ी छूट जाएगी । ' बस स्टैंड मुख्य डाकघर पटना से थोड़ा आगे था । महेन्द्र मुहल्ला से बस स्टैंड जाना था । रिक्शा चालक तेजी से रिक्शा चला रहा था । जैसे ही रिक्शा गाँधीमैदान के उत्तरी मेन गेट के पास पहुँचा , वहाँ पहले से ही एक कारगाड़ी खड़ी थी । कारगाड़ी चालक ने अपनी कारगाड़ी को स्टार्ट किया और तेजी के साथ आगे बढ़ा दिया । इसका परिणाम यह हुआ कि कारगाड़ी से रिक्शा में जोरों का धक्का लगा और सच्चिदानंद बाबू रिक्शा से ८-१० फीट ऊपर फेंकाकर बीच सड़क पर गिरे । इनके दाहिने जाँघ की हड्डी छः जगह चूर - चूर हो गयी । इनकी आँखों के आगे अँधेरा छा गया । ये बहोश हो गये । दूसरे लोग ही इनको अस्पताल में भर्ती करवाये । हड्डी के सुप्रसिद्ध डॉक्टर आर.सी. राम की देखरेख में इलाज प्रारंभ हुआ । - डाक्टर साहब ने कहा- ' हड्डी चूर - चूर हो गयी है । इसलिए एक सीध में नहीं जुटेगी , टेढ़ी रह जाएगी , इसलिए जीवनभर वैशाखी के सहारे चलना पड़ेगा ।

यह सुनकर सच्चिदानंद बाबू काफी चिंतित होकर रातभर गुरु महाराज जी से प्रार्थना करते रहे कि मुझे इस दुःख से उबारिये । सुबह एक पोस्टकार्ड मँगाकर एक प्रार्थना - पत्र सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंसजी महाराज के पास भेजा , जिसमें उन्होंने लिखा था- “ कारगाड़ी से धक्का लगने के कारण मेरे दाहिने जाँघ की हड्डी कई जगह टूट गई है । मैं बहुत कष्ट में हूँ । मैंने इस जीवन में कोई ऐसा पाप नहीं किया , जिससे हमको यह दुःख भोगना पड़े । डॉ ० बोलते हैं - ' जीवनभर वैशाखी के सहारे चलना पड़ेगा । ' मैं अपाहिज होकर जीना नहीं चाहता हूँ । मुझे स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया जाए या मौत दे दी जाए ।

" यह लिखकर पत्र महर्षि मेंहीँ आश्रम कुप्पाघाट भेज दिया । दो - चार दिन के बाद ही पूज्य गुरुदेव का पत्रोत्तर मिला । जिसमें लिखा हुआ था- “ मैं परमात्मा से प्रार्थ

28/01/2024
28/01/2024
28/01/2024

*आज शनिवार (27 जनवरी 2024) को ज़ूम (Zoom) मंचके माध्यमसे संध्या सात बजे से रात्रि नौ बजे तक आयोजित होने वाले ऑनलाइन मासिक शनिवासरीय संतमत-सत्संगमें आप सभी सम्माननीय सत्संग-प्रेमी सादर सपरिवार आमंत्रित हैं।*

चतुर्थ शनिवार होने के कारण यह हमारा मासिक सत्संग है। अतः इसमें पूज्य सत्य प्रकाश बाबा भी सम्मिलित होंगे।

_सत्संगसे जुड़ने के लिये निम्नोक्त कड़ी (लिंक) का प्रयोग करें। 🙏🙏 जय गुरु!_

Pravesh K Singh is inviting you to a scheduled and recurring Zoom meeting. Chandrapur's Weekly Santmat Satsang (Every Saturday 7 PM - 9 PM IST)
*Topic: Weekly Saturday Santmat Satsang*

Join Zoom Meeting
https://us02web.zoom.us/j/82807682115?pwd=NnNQdDNjL2tWSU9oZDhRWG9FdmxQdz09

Meeting ID: 828 0768 2115
Passcode: 785018

_*पुनःश्च:*_
*साथ ही आपसबोंको यह भी ज्ञात हो कि इस साप्ताहिक सत्संगका सीधा प्रसारण यूट्यूब के Santmat Wisdom नामक चैनल पर भी किया जाता है जिसका लिंक है* https://youtube.com/c/PraveshKSinghSantmat

*सबको सादर प्रणाम! जय गुरु!*

Find your local number: https://us02web.zoom.us/u/kdYZchB7su

19/01/2024

समग्र संसार के परमसंत परम पूज्य गुरुदेव महर्षि मेही परमहंस महाराज को एक साधू ने कहा था --बिना चमत्कार के नमस्कार नही " तो गुरु महाराज बोले "चमत्कार क्या है ?" साधू बाबा चुप हो गये ..... फिर गुरु महारा ज ने कहा कि सदाचार का पालन करना ही चमत्कार है . सदाचार के पालन मे मजबूत होना सरल नही है जो मजबूत है वह छिपता नही . सदाचार का अर्थ है झूठ चोरी नशा हिन्सा और व्यभिचार को संपूर्ण रुप से छोड देना

कोई सदाचार का पालन करना चाहे और ईश्वर भक्ति नही करे तो बिना ईश्वर भक्ति के अवलंब के के सदाचार का पालन नही कर सकता

19/01/2024


Address

Forbesganj

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Maharshi Mehi Paramhans Satsang Mandir, Dhangra posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share