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केदार घाटी में बर्फ पिघलने से दो हफ्ते पहले, गाँव मंडल के पुजारी हरिराम ने देखा कि मंदिर का शिवलिंग पसीज रहा है।पत्थर पर...
28/04/2026

केदार घाटी में बर्फ पिघलने से दो हफ्ते पहले, गाँव मंडल के पुजारी हरिराम ने देखा कि मंदिर का शिवलिंग पसीज रहा है।

पत्थर पर बूँदें। न भीतर धूप, न बाहर बारिश। फरवरी की ठंड में काला ग्रेनाइट गीला हो रहा था, जैसे साँस ले रहा हो।

गाँव वालों ने कहा, चमत्कार। हरिराम ने पोथी बंद की और अपनी पोती ईरा को बुलाया। ईरा देहरादून में फिजिक्स पढ़ती थी, छुट्टियों में आई थी।

"दादी कहती थीं, शिवलिंग में शिव की शक्ति होती है," हरिराम ने कहा, "तू बता, ये पानी कहाँ से आ रहा है?"

ईरा ने थर्मामीटर लगाया, 4 डिग्री। पत्थर का तापमान हवा से दो डिग्री कम। उसने हँस कर कहा, "संघनन है, बाबा। ठंडा पत्थर, गरम साँसें।"

हरिराम ने सिर हिलाया, "ठीक। पर संघनन हर पत्थर पर क्यों नहीं?"

पहली रात

ईरा रात को मंदिर में रुक गई। उसने शिवलिंग के चारों ओर सेंसर लगाए। रात दो बजे तापमान और गिरा। पत्थर पर बूँदें बढ़ीं। तभी भूकंप मापी पर हल्की कंपन आई, 1.8 मैग्नीट्यूड, जो इंसान महसूस नहीं करता।

सुबह ईरा ने डेटा देखा। कंपन के ठीक पहले शिवलिंग का चुंबकीय क्षेत्र आधा सेकंड के लिए बदला था। जैसे किसी ने भीतर से साँस खींची हो।

वह दादाजी के पास दौड़ी। हरिराम पोथी पढ़ रहे थे, स्कंद पुराण। उन्होंने कहा, "लिंग का अर्थ निशान होता है, ईरा। शिव का निशान। निशान इसलिए नहीं कि वहाँ भगवान बैठे हैं, इसलिए कि वहाँ कुछ ठहरता है।"

उन्होंने कहानी सुनाई जो पोथी में नहीं थी।

कहानी – जब शक्ति बँटी

सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा ने पूछा, "ऊपर क्या है?" विष्णु ने पूछा, "नीचे क्या है?" दोनों दौड़े। एक हंस बना, एक वराह। बीच में एक आग का स्तंभ उठा, न आदि, न अंत।

वह शिव थे। पर वे स्तंभ बन कर क्यों खड़े हुए? हरिराम ने कहा, "क्योंकि शक्ति जब फैलती है, तो दुनिया बनती है। जब ठहरती है, तो दुनिया टिकती है। शिवलिंग वही ठहराव है।"

ईरा ने पूछा, "तो ये पत्थर बैटरी है?"

हरिराम हँसे, "बेटी, बैटरी भरती है, खर्च होती है। लिंग भरता नहीं, खाली करता है।"

उन्होंने उसे गर्भगृह के नीचे ले गए। वहाँ एक गोल कुंड था, सूखा। उसके बीच में शिवलिंग की जड़ थी, जमीन में धँसी। जड़ के चारों ओर ताँबे की पट्टियाँ, और उनके नीचे क्वार्ट्ज की परत।

"हमारे पुरखों ने इसे यहाँ इसलिए नहीं रखा कि पूजा आसान हो," हरिराम बोले, "क्योंकि यहाँ धरती की नाड़ी मिलती है। हिमालय टकरा रहा है, नीचे प्लेटें सरक रही हैं। ऊर्जा उठती है। पत्थर उसे पी जाता है।"

ईरा समझी। पीज़ोइलेक्ट्रिक प्रभाव। दबाव से क्वार्ट्ज चार्ज बनाता है। ताँबा उसे फैलाता है। शिवलिंग एक अर्थ ग्राउंड है।

"तो शक्ति बिजली है?" उसने पूछा।

"नहीं," हरिराम ने जल चढ़ाते हुए कहा, "शक्ति शांत होना है।"

दूसरी रात – अभिषेक

उस रात गाँव में जागरण था। ईरा ने देखा, हर कोई लोटा भर कर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ा रहा है। पत्थर ठंडा हो रहा था, फिर गरम, फिर ठंडा। सेंसर पागल हो गए। चुंबकीय क्षेत्र स्थिर हो गया।

ईरा ने दादाजी से पूछा, "इतना पानी क्यों?"

हरिराम ने कहा, "तूने थर्मल कैमरा लगाया है न? देख।"

स्क्रीन पर शिवलिंग नीला था, आसपास के पत्थर लाल। जल गिरते ही नीला गहरा हुआ। "पानी ताप ले जाता है," ईरा बोली।

"और मन का ताप भी," हरिराम ने कहा। "जब सौ लोग एक साथ एक ही जगह ध्यान से जल डालते हैं, तो उनकी साँसें एक लय में आती हैं। दिल की धड़कन धीमी होती है। वह लय पत्थर पकड़ लेता है। यही शिव की शक्ति है – वह तुम्हें खींचता नहीं, तुम्हें छोड़ना सिखाता है।"

ईरा को याद आया, फिजिक्स में रेज़ोनेंस। जब बाहरी आवृत्ति वस्तु की प्राकृतिक आवृत्ति से मिले, तो ऊर्जा बढ़ती नहीं, स्थिर होती है।

शिवलिंग की प्राकृतिक आवृत्ति क्या है? हरिराम ने आँख बंद कर के कहा, "ॐ।"

तीसरी रात – दरार

अगले दिन दोपहर को हल्का भूकंप आया, 4.1। मंदिर हिला, दीये गिरे, पर शिवलिंग नहीं हिला। उसकी जड़ वाली क्वार्ट्ज परत ने कंपन सोख लिया। गाँव वालों को लगा चमत्कार। ईरा ने डेटा में देखा, शिवलिंग ने 0.3 सेकंड पहले ही कंपन को डैम्प किया था।

रात को हरिराम बीमार पड़े। साँस उखड़ी। ईरा उन्हें गर्भगृह में ले आई, शिवलिंग के पास लिटा दिया। वह घबराई, "बाबा, अस्पताल ले चलें?"

हरिराम ने उसका हाथ पकड़ा, शिवलिंग पर रखा। पत्थर बर्फ सा ठंडा था। "डर मत। हाथ रख।"

ईरा ने रखा। पहले उसे ठंड लगी, फिर एक हल्की गुनगुनाहट हथेली में आई। सेंसर पर 7.83 हर्ट्ज़। शुमान रेज़ोनेंस, धरती की धड़कन।

हरिराम फुसफुसाए, "शिव की शक्ति त्रिशूल में नहीं, इस ठहराव में है। जब सब हिल रहा हो, वह नहीं हिलता। जब तू हिल रही हो, वह तुझे नहीं रोकता, बस कहता है – देख, मैं हिल नहीं रहा। तू भी रुक सकती है।"

कुछ देर में हरिराम की साँस धीमी हुई। वह सो गए।

सुबह

सुबह ईरा ने देखा, शिवलिंग अब नहीं पसीज रहा था। तापमान बराबर हो गया था। उसने दादाजी को चाय दी।

हरिराम ने कहा, "तू पूछ रही थी, शिवलिंग में शिव की शक्ति कहाँ है?"

ईरा ने नोटबुक खोली। "दबाव से चार्ज, पानी से कूलिंग, ताँबे से ग्राउंडिंग, और लोगों की एक साथ साँस से रेज़ोनेंस।"

हरिराम ने सिर हिलाया, "ये सब शरीर हैं। शक्ति वह है जो इन सब के बाद बचती है।"

"क्या?"

"खाली जगह।"

उन्होंने शिवलिंग की ओर इशारा किया। बीच में वह गोल आकार, न शुरू, न अंत। "लिंग आकार इसलिए है कि ऊर्जा ऊपर न जाए, नीचे न जाए, घूमे। घूमते-घूमते थक जाए, और बैठ जाए। जब ऊर्जा बैठ जाती है, तो आदमी उठ जाता है।"

ईरा ने उस दिन सेंसर हटाए। उसने रोज़ सुबह जल चढ़ाना शुरू किया। फिजिक्स की छात्रा होने के नाते नहीं, थकी हुई पोती होने के नाते।

कुछ हफ्ते बाद वह देहरादून लौटी। लैब में प्रोफेसर ने पूछा, "केदार में क्या मिला?"

ईरा ने कहा, "एक बैटरी नहीं, एक ब्रेक।"

"मतलब?"

"हम सब शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं, सर। तेज़ दिमाग, तेज़ नेटवर्क, तेज़ दुनिया। शिवलिंग सिखाता है कि असली पावर रोकने में है। जब धरती हिलती है, वह हिलता नहीं। जब मन हिलता है, वह तुम्हें एक ठंडी सतह देता है जहाँ तुम अपना माथा रख सको।"

प्रोफेसर हँसे, "तो तुम आस्तिक हो गईं?"

ईरा ने कहा, "नहीं। मैं थर्मोडायनामिक्स समझ गई। ऊर्जा न बनती है, न मिटती। पर शिवलिंग पर वह थोड़ी देर के लिए रुकती है। और उस रुकने में ही इंसान को लगता है कि कोई सुन रहा है।"

आज भी मंडल गाँव में वह शिवलिंग पसीजता है। वैज्ञानिक कहते हैं संघनन। पुजारी कहते हैं करुणा।

दोनों ठीक हैं।

क्योंकि शिव की शक्ति पत्थर में नहीं, उस क्षण में है जब तुम अपना गरम माथा ठंडे पत्थर पर रखते हो, आँख बंद करते हो, और पहली बार दिन भर के शोर के बाद कुछ नहीं सुनते।

वही कुछ नहीं, वही शिव है।

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11/04/2026

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🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌤️  *दिनांक - 03 मार्च 2026*🌤️ *दिन - मंगलवार*🌤️ *विक्रम संवत 2082*🌤️ *शक संवत -1947*🌤️ *अयन - उत...
03/03/2026

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 03 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - पूर्णिमा शाम 05:07 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
🌤️ *नक्षत्र - मघा सुबह 07:31 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग - सुकर्मा सुबह 10:25 तक तत्पश्चात धृति*
🌤️*राहुकाल - शाम 03:47 से शाम 05:15 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:56*
🌤️ *सूर्यास्त - 18:30*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा, फाल्गुन पूर्णिमा,होली पूर्णिमा,धुलेंडी,खग्रास चंद्रग्रहण (भारत मे दिखेगा,जहा दिखेगा वहाँ ग्रहण के नियम पालनीय है) होलाष्टक समाप्त*

🎨😄 होली है भई होली है! 😄🎨

आज के दिन बुरा न मानो,
रंग तो लगेंगे ही लगेंगे 😉

थोड़ा गुलाल रिश्तों में,
थोड़ी मिठास बातों में,
और थोड़ी शरारत मुस्कान में होनी चाहिए 😜🌈

जो नाराज़ हैं उन्हें मना लो,
जो दूर हैं उन्हें गले लगा लो,
और जो बहुत अकड़ में हैं…
उन्हें भी प्यार से रंग लगा दो 😄

महादेव से प्रार्थना है 🙏
कि जीवन में खुशियों के रंग
कभी फीके न पड़ें ❤️

🚩 हर हर महादेव 🚩

💥 *विशेष - पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *केमिकल रंग छूटाने के लिए* 🌷

🔵 *यदि किसीने आप पर रासायनिक रंग लगा दिया हो तो तुरंत ही बेसन, आटा, दूध, हल्दी व् तेल के मिश्रण से बना उबटन रंगे हुए अंगों पर लगाकर रंग को धो डालना चाहिए | यदि उबटन लगाने से पूर्व उस स्थान को नींबू से रगड़कर साफ़ कर लिया जाय तो रंग छूटने में और अधिक सुगमता होती है |*

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *होली टिप्स* 🌷

🔥 *होली के बाद खजूर नहीं खाना चाहिए, ये पचने में भारी होते है, इन दिनों में सर्दियों का जमा हुआ कफ पिघलता है और जठराग्नि कम करता है. इसलिए इन दिनों में हल्का भोजन करें, धाणी और चना खाएं, जिससे जमा हुआ कफ निकल जाये ।*

🍂 *इन दिनों में पलाश/केसुडे/गेंदे के फूलों के रंग से होली खेलने से शरीर के ७ धातु संतुलन में रहते हैं, इनसे होली खेलने से चमड़ी पर एक layer बन जाती है जो धूप की तीखी किरणों से रक्षा करती है।*

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *होली के बाद खान-पान में सावधानी* 🌷

🔥 *होली के बाद नीम की २० से २५ कोमल पते २-३ काली मिर्च के साथ खूब चबा-चबाकर खानी चाहिये । यह प्रयोग २०-२५ दिन करने से वर्ष भर चर्म रोग , रक्त विकार और ज्वर आदि रोगों से रक्षा होती है तथा रोग प्रतिकारक शक्ति बनी रहती है । इसके अलावा कड़वे नीम के फूलों का रस सप्ताह या १५ दिन तक पीने से भी त्वचा रोग व मलेरिया से बचाव होता है । सप्ताह भर या १५ दिन तक बिना नमक का भोजन करने से आयु और प्रसन्नता में बढ़ोतरी होती है।*

🔱🚩🇮🇳 *आर्यावर्त भरतखण्ड* 🇮🇳🚩🔱

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌤️  *दिनांक - 02 मार्च 2026*🌤️ *दिन - सोमवार*🌤️ *विक्रम संवत 2082*🌤️ *शक संवत -1947*🌤️ *अयन - उत्...
02/03/2026

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 02 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी शाम 05:55 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र - अश्लेशा सुबह 07:51 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग - अतिगण्ड दोपहर 12:19 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️*राहुकाल - सुबह 08:27 से सुबह 09:55 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:59*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:42*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- हुताशनी पूर्णिमा*

💥 *विशेष - चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
👉🏻 *होली की रात इनमेसे कोई भी उपाय करे जीवन उन्नत होगा*⤵️
https://youtu.be/OU_z092W5Jo

🌷 *चंद्र ग्रहण मंत्र* 🌷
➡️ *03 मार्च 2026 मंगलवार को खग्रास चन्द्रग्रहण (भारत में दिखेगा, जहा दिखेगा वहा ग्रहण के नियम पालनीय हैं।)*
⤵️ *कौन से शहर में ग्रहण का समय क्या रहेगा देखें इस लिंक में* 👇🏻👇🏻👇🏻
https://youtu.be/Qr4bIbXao4o?si=rqey2f58B-jXb5Nz
🌔 *जब भी चंद्र ग्रहण हो तो एक माला नीचे मंत्र की करें :-*
🌙 *मंत्र – ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम: | .... ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम: | .... ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:*
🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Kharghar -Navi Mumbai 6th Apr'13*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

👉🏻 *ग्रहण के समय रखे इन बातो का विशेष ध्यान*⤵️
https://youtu.be/eQRvX7qbPEg

🌷 *ग्रहण में क्या करें, क्या न करें* 🌷
🌘 *चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है। श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्धि होने पर उस घृत को पी ले। ऐसा करने से वह मेधा (धारणशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाक् सिद्धि प्राप्त कर लेता है।*
🌘 *सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक 'अरुन्तुद' नरक में वास करता है।*
🌘 *सूर्यग्रहण में ग्रहण चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं।*
🌘 *ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण वेध के प्रारम्भ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग भी अत्यंतआवश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल (वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं।*
🌘 *ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।*
🌘 *ग्रहणकाल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए। ग्रहण के स्नान में गरम जल की अपेक्षा ठंडा जल, ठंडे जल में भी दूसरे के हाथ से निकाले हुए जल की अपेक्षा अपने हाथ से निकाला हुआ, निकाले हुए की अपेक्षा जमीन में भरा हुआ, भरे हुए की अपेक्षा बहता हुआ, (साधारण) बहते हुए की अपेक्षा सरोवर का, सरोवर की अपेक्षा नदी का, अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा का और गंगा की अपेक्षा भी समुद्र का जल पवित्र माना जाता है।*
🌘 *ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।*
🌘 *ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए। बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए। ग्रहण के समय ताला खोलना, सोना, मल-मूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन – ये सब कार्य वर्जित हैं।*
🌘 *ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण के समय सोने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सुअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है। गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए।*
🌘 *तीन दिन या एक दिन उपवास करके स्नान दानादि का ग्रहण में महाफल है, किन्तु संतानयुक्त गृहस्थ को ग्रहण और संक्रान्ति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए।*
🌘 *भगवान वेदव्यासजी ने परम हितकारी वचन कहे हैं- 'सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्यग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।'*
🌘 *ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम-जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।*
🌘 *ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से बारह वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है। (स्कन्द पुराण)*
🌘 *भूकंप एवं ग्रहण के अवसर पर पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिए।(देवी भागवत)*
🌘 *अस्त के समय सूर्य और चन्द्रमा को रोगभय के कारण नहीं देखना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्णजन्म खं. 75.24)*
🙏🏻 *क्या करें क्या न करें पुस्तक से*

🔱🚩🇮🇳 *आर्यावर्त भरतखंड* 🚩🇮🇳🔱

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🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌤️  *दिनांक - 28 फरवरी 2026*🌤️ *दिन - शनिवार*🌤️ *विक्रम संवत 2082*🌤️ *शक संवत -1947*🌤️ *अयन - उत्...
28/02/2026

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 28 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी रात्रि 08:43 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु सुबह 09:35 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - सौभाग्य शाम 05:02 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:56 से सुबह 11:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:41*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्री गोविंद द्वादशी*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷
➡️ *01 मार्च 2026 रविवार को रविपुष्यामृत योग है।*
🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 01 मार्च, रविवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *होली में क्या करें* 🌷
🙏🏻 *होली की रात्रि चार पुण्यप्रद महारात्रियों में आती है। होली की रात्रि का जागरण और जप बहुत ही फलदायी होता है।*
➡ *ऋतु-परिवर्तन के 10-20 दिनों में नीम के 15 से 20 कोमल पत्तों के साथ 2 काली मिर्च चबाकर खाने से वर्ष भर आरोग्य दृढ़ रहता है। बिना नमक का भोजन 15 दिन लेने वाले की आयु और प्रसन्नता में बढ़ोतरी होती है।*
,💥 *होली के बाद खजूर खाना मना है।*
👉🏻 *बाजारू केमिकलों से युक्त रंगों के बदले पलाश के फूलों के रंग से अथवा अन्य प्राकृतिक रंगों से होली खेलनी चाहिए। इससे सप्तरंगों व सप्तधातुओं का संतुलन बना रहता है।*
👉🏻 *अन्य कुछ प्राकृतिक रंगः मेंहदी पाऊडर के साथ आँवले का पाऊडर मिलाने से भूरा रंग। चार चम्मच बेसन में दो चम्मच हल्दी पाऊडर मिलाने से अच्छा पीला रंग बनता है। बेसन के स्थान पर आटा, मैदा, चावल का आटा, आरारोट या मुलतानी मिट्टी का भी उपयोग किया जा सकता है।*
👉🏻 *दो चम्मच हल्दी पाउडर दो लीटर पानी में डालकर अच्छी तरह उबालने से गहरा पीला रंग प्राप्त होता है।*
🍏 *आँवला चूर्ण लोहे के बर्तन में रात भर भिगोने से काला रंग तैयार होता है।
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌤️  *दिनांक - 27 फरवरी 2026*🌤️ *दिन - शुक्रवार*🌤️ *विक्रम संवत 2082*🌤️ *शक संवत -1947*🌤️ *अयन - उ...
27/02/2026

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 27 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - एकादशी रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - आर्द्रा सुबह 10:48 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
🌤️ *योग - आयुष्मान शाम 07:44 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:24 से दोपहर 12:52 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:02*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:40*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- आमलकी एकादशी*
💥 *विशेष - *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *आमलकी एकादशी* 🌷
➡ *27 फरवरी को आमलकी एकादशी (व्रत करके आँवले के वृक्ष के पास रात्रि-जागरण, उसकी १०८ या २८ परिक्रमा करने से सब पापों का नाश व १००० गोदान का फल )*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *आर्थिक तकलीफ़ हो तो* 🌷
💰 *किसी को आर्थिक तकलीफ़ हो तो होली की पूनम के दिन एक समय ही खाना खायें, एक वक़्त उपवास करें अथवा तो नमक बिना का भोजन करें होली की रात को खीर बनायें और चंद्रमा को भोग लगाकर उसे लें; दिया दिखा दें चंद्रमा को; एक लोटे में जल लेकर उसमें चावल, शक्कर, कुमकुम, फूल, आदि डाल दें और चंद्रमा को ये मंत्र बोलते हुए अर्घ्य दें;*
🌷 *दधीशंख: तुषाराभम् क्षीरोरदार्णव संनिभम्*
*नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्*
🌙 *हे चंद्र देव! भगवान शिवजी ने आपको अपने बालों में धारण किया है, आपको मेरा प्रणाम है।*
➡ *अगर पूरा मंत्र याद न रहे तो “ॐ सोमाय नमः , ॐ सोमाय नमः” , इस मंत्र का जप कर सकते हैं।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *होली के दिन पूजा विशेष* 🌷
🔥 *होली के दिन हनुमान जी के पूजा का विशेष विधान है, हो सके तो करना | पूजा का मतलब यह जरूरी नहीं की हनुमान जी के आगे दिया जलायें तब ही वे प्रसन्न होंगे | "श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि बरनउ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि", " मनोजवं मारुततुल्य वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं | वातात्मजं वानरयूथ मुख्यं श्री राम दूतं शरणं प्रपद्ये || " ऐसी प्रार्थना कर दी, वे राजी हो जायेंगे | होली के दिन एक बार जरूर कर लें, बहुत लाभ होगा |*
🔥 *होली के दिन शास्त्रों में लक्ष्मी माता की पूजा का भी विधान बताया गया है | वह कपूर का दिया जलाकर करें | थोड़ा सा ही कपूर जलायें | होली का पर्व दरिद्रता का नाश करनेवाला पर्व है |*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌤️  *दिनांक - 26 फरवरी 2026*🌤️ *दिन - गुरूवार*🌤️ *विक्रम संवत 2082*🌤️ *शक संवत -1947*🌤️ *अयन - उत...
26/02/2026

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 26 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - दशमी रात्रि 12:33 तक तत्पश्चात एकादशी*
🌤️ *नक्षत्र - मृगशिरा दोपहर 12:11 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
🌤️ *योग - प्रीति रात्रि 10:33 तक तत्पश्चात आयुष्मान*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:19 से शाम 03:47 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:02*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:40*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष -
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷
➡ *26 फरवरी 2026 गुरुवार को रात्रि 12:33 से 27 फरवरी, शुक्रवार को रात्रि 10:32 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 27 फरवरी, शुक्रवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।*
🙏🏻 *एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
🙏🏻 *एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा*

*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐**🌞दिनांक - 25 फरवरी 2026**⛅दिन - बुधवार**⛅विक्रम संवत् - 2082**⛅अयन - उत्तरायण**⛅ऋतु - वसंत**...
25/02/2026

*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐*
*🌞दिनांक - 25 फरवरी 2026*
*⛅दिन - बुधवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - फाल्गुन*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - नवमी रात्रि 02:40 फरवरी 26 तक तत्पश्चात् दशमी*
*⛅नक्षत्र - रोहिणी दोपहर 01:38 तक तत्पश्चात् मृगशिरा*
*⛅योग - विष्कम्भ रात्रि 01:28 फरवरी 26 तक तत्पश्चात् प्रीति*
*⛅राहुकाल - दोपहर 12:40 से दोपहर 02:07 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:52*
*⛅सूर्यास्त - 06:28 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:13 से प्रातः 06:02 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:15 फरवरी 26 से रात्रि 01:04 फरवरी 26 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - रोहिणी व्रत, सर्वार्थसिद्धि योग (अहो रात्रि)*
*🌥️विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के सामान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹दीर्घ एवं निरोगी जीवन के नियम🔹*
*🔸 (१) प्रातः ब्राह्ममुहूर्त में उठें । सुबह-शाम खुली हवा में टहलें, दौड़ें ।*
*🔸 (२) प्राणायाम, ध्यान, जप, योगासन, संयम-सदाचार आदि का नियम लें ।*
*🔸 (३) दिन में २-३ बार 'देव- मानव हास्य प्रयोग' करें ।*
*🔸 (४) कसे हुए, चटकीले-भड़कीले, गहरे रंग के, तंग व कृत्रिम (synthetic) कपड़े न पहनें । ढीले-ढाले सूती वस्त्र या ऋतु- अनुसार ऊनी वस्त्र पहनें ।*
*🔸 (५) संयम से रहें । ऋतुचर्या के अनुसार आहार-विहार करें ।*
*🔸 (६) पेशाब करने के तुरंत बाद पानी न पियें, न ही पानी पीने के तुरंत बाद पेशाब हेतु जायें । इससे हानि होती है । मल-मूत्र का वेग नहीं रोकें ।*
*🔸 (७) सप्ताह में कम-से-कम एक दिन रोज के संसारी कार्यों से मुक्त हो जायें ।*
*🔸 सप्ताह में कम-से-कम एक दिन थोड़ा हलका आहार लेकर घर के पूजा-कक्ष में मौन रह के अधिकांश समय सत्संग-श्रवण, श्री योगवासिष्ठ महारामायण ग्रंथ व आश्रम से प्रकाशित अन्य सत्साहित्य का स्वाध्याय, ध्यान, जप, अजपाजप, साक्षीभाव का अभ्यास आदि साधनों का विशेषरूप से लाभ लें ।*
*🔸 (८) स्वास्थ्य-मंत्र 'ॐ हंसं हंसः' का नित्य १०८ बार (एक माला) जप करें ।*
*🔸 (९) ब्रहावेत्ता संत-सद्गुरु के सत्संग का नियमितरूप से लाभ लें व दूसरों को भी दिलायें ।*
*🔸 (१०) चाय-कॉफी, शराब-कबाब, धूम्रपान पान-मसाला सेवन, फिल्मी गाने सुनना, अश्लील दृश्य व चलचित्र तथा गंदी वेबसाइट्स देखना आदि किसी भी हानिकारक चीज की लत लगी हो तो उसे छोड़ने का व्रत लें व उस व्रत पर दृढ रहें ।*
*🔸 (११) रात को सोते समय यह प्रयोग करें : भगवन्नाम का उच्चारण करो और भगवान से कह दो कि 'हम जैसे-तैसे हैं, तेरे हैं । ॐ शांति... ॐ 'शांति... ॐ आनंद...' ऐसा करके लेट गये और श्वास अंदर जाय तो 'ॐ', बाहर आये तो '१'... श्वास अंदर जाय तो 'शांति', बाहर आये तो '२'... श्वास अंदर जाय तो 'आरोग्य', बाहर आये तो '३'... इस प्रकार श्वासोच्छ्वास की गिनती करते-करते सोयें । इससे स्वास्थ्य-लाभ तो मिलेगा ही, साथ-ही-साथ रात्रि की निद्रा कुछ सप्ताह में योगनिद्रा बनने लगेगी और आप परमात्मा में पहुँच जाओगे ।*
*🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

Jay sri sitaram 🙏
17/02/2026

Jay sri sitaram 🙏

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌤️  *दिनांक - 10 फरवरी 2026*🌤️ *दिन - मंगलवार*🌤️ *विक्रम संवत 2082*🌤️ *शक संवत -1947*🌤️ *अयन - उत...
10/02/2026

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 10 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन ( गुजरात-महाराष्ट्र -माघ )*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - अष्टमी सुबह 07:27 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा सुबह 07:55 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - ध्रुव 11 फरवरी रात्रि 01:42 तक तत्पश्चात व्याघात*
🌤️ *राहुकाल - शाम 03:44 से शाम 05:09 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:13*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:32*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

👉🏻 *महाशिवरात्रि पर मनोकामनाए पूर्ण करने के लिए किस धातु के शिवलिंग पर पूजन करना चाहिए संपूर्ण जानकारी*⤵️
https://youtu.be/-d-aP8EcpCc

🌷 *महाशिवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *रविवार, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन की गई शिव पूजा से पिछले समय से चली आ रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं और धन लाभ भी मिल सकता है। यहां जानिए शास्त्रों में बताए गए उपाए...*
👉🏻 *शिवरात्रि पर करें इन 8 में से कोई 1 उपाय, दूर हो सकती है परेशानी*
🔥 *महाशिवरात्रि पर रात में किसी शिव मंदिर में दीपक जलाएं । शिव पुराण के अनुसार कुबेर देव ने पूर्व जन्म में रात के समय शिवलिंग के पास रोशनी की थी इसी वजह से अगले जन्म में वे देवताओं के कोषाध्यक्ष बने।*
🙏🏻 *महाशिवरात्रि पर छोटा सा पारद (पारा) शिवलिंग लेकर आएं और घर के मंदिर में इसे स्थापित करें। शिवरात्रि से शुरू करके रोज इसकी पूजा करें । इस उपाय से घर की दरिद्रता दुर होती है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है।*
🙏🏻 *यदि आप चाहें तो शिवरात्रि पर स्फटिक के शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं। घर के मंदिर में जल, दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर से इस शिवलिंग को स्नान कराएं । मंत्र - ॐ नम: शिवाय । मंत्र जप कम से कम 108 बार करें।*
🙏🏻 *हनुमानजी भगवान शिव के ही अंशावतार माने गए हैं। शिवरात्रि पर हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमानजी और शिवजी की प्रसन्नता प्राप्त होती है। इनकी कृपा से भक्त की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं।*
👩🏻 *किसी सुहागिन को सुहाग का सामान उपहार में दें । जो लोग यह उपाय करते है, उनके वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर हो सकती हैं। सुहाग का सामान जैसे - लाल साड़ी, लाल चूडियां, कुम -कुम आदि।*
💰 *महाशिवरात्रि पर किसी जरुरतमंद व्यक्ति को अनाज और धन का दान करें। शास्त्रों में बताया गया है कि गरिबों को दान करने से पुराने सभी पापों का असर खत्म हो सकता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।*
🍚 *जो लोग शिवरात्रि पर किसी बिल्व वृक्ष के नीचे खड़े होकर खीर और घी का दान करते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्ति होती है। ऐसे लोग जीवनभर सुख-सुविधाएं प्राप्ति करते हैं और कार्यों में सफल होते हैं।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *महाशिवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *शिवरात्रि का व्रत, पूजन, जागरण और उपवास करनेवाले मनुष्य का पुनर्जन्म नहीं होता है। (स्कंद पुराण)*
🙏🏻 *शिवरात्रि के समान पाप और भय मिटानेवाला दूसरा व्रत नहीं है। इसको करनेमात्र से सब पापों का क्षय हो जाता है। (शिव पुराण)*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *शिवरात्रि के दिन करने योग्य विशेष बातें*
🙏🏻 *१. शिवरात्रि के दिन की शुरुआत ये श्लोक बोल के शुरू करें :-*
🌷 *देव देव महादेव नीलकंठ नमोस्तुते l*
*कर्तुम इच्छा म्याहम प्रोक्तं, शिवरात्रि व्रतं तव ll*
🙏🏻 *2. काल सर्प के लिए महाशिवरात्रि के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर पिसी हल्दी से स्वस्तिक बना देना....शिवलिंग पर दूध और बिल्व पत्र चढ़ाकर जप करना और रात को ईशान कोण में मुख करके जप करना l*
🙏🏻 *3. शिवरात्रि के दिन ईशान कोण में मुख करके जप करने की महिमा विशेष है, क्योंकि ईशान के स्वामी शिव जी हैं l रात को जप करें, ईशान को दिया जलाकर पूर्व के तरफ रखें , लेकिन हमारा मुख ईशान में हो तो विशेष लाभ होगा l जप करते समय झोका आये तो खड़े होकर जप करना l*
🙏🏻 *4. महाशिवरात्रि को कोई मंदिर में जाकर शिवजी पर दूध चढाते हैं तो ये ५ मंत्र बोलें :-*
🌷 *ॐ हरये नमः*
🌷 *ॐ महेश्वराए नमः*
🌷 *ॐ शूलपानायाय नमः*
🌷 *ॐ पिनाकपनाये नमः*
🌷 *ॐ पशुपतये नमः*
🙏🏻 *- Sureshanandji Haridwar - 11.02.2010*

📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

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