31/05/2026
अगर तलाश करूँ, कोई मिल ही जायेगा।
मग़र तुम्हारी तरह कौन मुझको चाहेगा।।
तुम्हें जरूर कोई चाहतों से देखेगा।
मगर वो आँखे हमारी कहां से लायेगा।।
अलविदा
डॉ वसीर बद्र