12/05/2026
राधे व्रजदेवि कृष्णप्रियासि त्वं भक्तानामनुकम्पया सदा ।कृष्णेन सह तव नामगानं कल्याणं भवतु मे जगन्मये ॥
अर्थ: हे व्रजदेवि राधे! आप श्रीकृष्ण की प्रिय हैं। आपकी और श्रीकृष्ण की भक्ति से ही भक्तों के जीवन में मंगल और कल्याण होता है।