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Hindu Hindu can refer to either a religious or cultural identity associated with the philosophical, religious, .cultural systems that are indigenous to the India

दुनिया की इस भीड़ में, छूटे सारे हाथ।कोई साथ दे या ना दे, माँ तुम देना साथ॥🙏⋇⋆✦⋆⋇ श्री लाडली जी महाराज - बरसाना ⋇⋆✦⋆⋇ मं...
16/08/2026

दुनिया की इस भीड़ में, छूटे सारे हाथ।
कोई साथ दे या ना दे, माँ तुम देना साथ॥🙏

⋇⋆✦⋆⋇ श्री लाडली जी महाराज - बरसाना ⋇⋆✦⋆⋇ 
मंगला आरती दर्शन🙏 16 अगस्त 2026
🦚जय श्री राधे🙏

🌷🌷 🕉श्री  राम जानकी जी के चरणों में कोटि कोटिवार नमन 🙏🌺 श्री अयोध्याधाम को ह्रदय से नमन 🙏🪷श्री पवन पुत्र हनुमान जी के चर...
09/08/2026

🌷🌷 🕉श्री राम जानकी जी के चरणों में कोटि कोटिवार नमन 🙏🌺 श्री अयोध्याधाम को ह्रदय से नमन 🙏🪷श्री पवन पुत्र हनुमान जी के चरणों में नमन स्वीकार हो 🙏🍁 माँ कौशल्या और राजा दशरथ जी के चरणों में कोटि कोटिवार नमन स्वीकार हो 🙏🌹 नित्य वन्दनीय श्री उर्मिला लक्ष्मण जी , श्री माण्डवी भरत जी , श्री श्रुतिकीर्ति शत्रुघन जी के पावन चरणों में सारा जीवन समर्पित 🙏🪷🪷🌷परम आदर्णीय श्री राम जानकी जी भगवान जी ." आप परमपिता परमेश्वर हो | आप अनेक रूप धारण करते हो और हर रूप का एक अलग नाम और अपनी एक अलग ही कहानी होती है | आपके सभी नाम और रूप समान हैं | संसार में आपकी अनेकों तरह से प्रार्थना की जाती है | हरकोई आपको किसी न किसी नाम और रूप रूप से जानता और मानता है | कोई आपको एक नाम रूप से देखता है और मानता है और कोई अनेक तरह से स्वीकार करता है | संसार में जितने लोग होते हैं उससे अधिक कहानी और नाटक होते हैं जिनका अनुमान लगा पाना बहुत ही जटिल होता है | हमारा तन ,मन और आत्मा बहुत ही छोटा है और छोटे हाथ -पैर भी हैं | मैं संसार में कहीं पर भी नहीं ठहरता हूँ | मैं संसार में शून्य पर हूँ फिर भी आसमान छूना चाहता हूँ| पाना और फिर खोना जीवन के दो मजबूत आधार होते हैं | सब कुछ आपकी इच्छा पर निर्भर करता है ||

ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः दिनांक 03 अगस्त 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का प्रातः कालीन भस्म आरती श्रृंग...
03/08/2026

ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः
दिनांक 03 अगस्त 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का प्रातः कालीन भस्म आरती श्रृंगार दर्शन

☘️ ॐ नमः शिवाय! 🚩✨सावन के पावन और अलौकिक माह की 'प्रथम सोमवारी' की आप सभी शिव-भक्तों को कोटि-कोटि बधाई एवं हार्दिक शुभका...
03/08/2026

☘️ ॐ नमः शिवाय! 🚩✨
सावन के पावन और अलौकिक माह की 'प्रथम सोमवारी' की आप सभी शिव-भक्तों को कोटि-कोटि बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं! 🌿
सनातन वैदिक धर्मशास्त्रों में श्रावण मास को देवों के देव महादेव का अत्यंत प्रिय मास माना गया है। यह वह समय है जब प्रकृति स्वयं जलधारा और हरियाली के रूप में भोलेनाथ का अभिषेक करती है।
📜 शिवपुराण और शिवरहस्य जैसे पावन ग्रंथों में इस मास के सोमवार व्रत और पूजन का विशेष महात्म्य बताया गया है।
"श्रावणे सोमवारे तु ये पूजयन्ति शङ्करम्।
तेषां सर्वानि कामानि पूरयति महेश्वरः।।"
📖 भावार्थ: जो श्रद्धालु श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को पूर्ण श्रद्धा, विधि-विधान और पवित्रता के साथ भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करते हैं, देवों के देव महेश्वर उनके सभी मनोवांछित संकल्पों, कीर्तनों और कामनाओं को पूर्ण करते हैं। ☘️
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्रावण सोमवार को किए गए जल, दूध और बेलपत्र के समर्पण से आशुतोष भगवान शिवजी अत्यंत सहजता से प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के जीवन से समस्त भय, रोग व बाधाओं का हरण कर लेते हैं। 🍁
आइए, इस प्रथम सोमवारी पर हम सब मिलकर महादेव के चरणों में अपना अहंकार, भय और चिंताएं समर्पित करें और उनकी असीम अनुकंपा का वरदान पाएं। 🌟🙏
🕉️ हर-हर महादेव! जय शिव शंभू! 🙌🚩

केतु ग्रह के कारण होने वाली बीमारियां संकेत 🚩   #केतु
03/08/2026

केतु ग्रह के कारण होने वाली बीमारियां संकेत 🚩

#केतु

*🙏🏻❤️🙏🏻श्री शिवाय नमस्तुभ्यं🙏🏻❤️🙏🏻*
05/07/2026

*🙏🏻❤️🙏🏻श्री शिवाय नमस्तुभ्यं🙏🏻❤️🙏🏻*

ओडिशा के पुरी में हर साल होने वाली विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई 2026 से शुरू होगी। आषाढ़ मा...
05/07/2026

ओडिशा के पुरी में हर साल होने वाली विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई 2026 से शुरू होगी। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को निकलने वाली इस पावन यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के लिए तीन अलग-अलग रथ निकाले जाते हैं।

इस रथयात्रा की सबसे खास बात यह है कि ये तीनों रथ पूरी तरह से पवित्र नीम की लकड़ी से बनाए जाते हैं और इनमें किसी भी कील या धातु का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है। भगवान जगन्नाथ का रथ 45.6 फीट, बलराम जी का रथ 45 फीट और देवी सुभद्रा का रथ 44.6 फीट ऊंचा होता है।

यात्रा शुरू होने से पहले पुरी के गजपति राजा सोने की झाड़ू से रथ का रास्ता साफ करते हैं, जिसे 'छर पहनरा' अनुष्ठान कहा जाता है। इसके बाद यात्रा मुख्य मंदिर से शुरू होकर 3 किलोमीटर दूर गुंडीचा मंदिर पहुंचती है, जहां तीनों देव 7 दिन तक विश्राम करते हैं। धार्मिक मान्यताओं और पंडितों के अनुसार, इस रथ को खींचने वाले श्रद्धालु को 100 यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। 10वें दिन 'बहुड़ा यात्रा' के जरिए वापसी होती है।

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ रक्ष माम् ।हे महाबाहो महाबाहो महाबाहो रक्ष माम्।वासुदेव रक्ष माम् | वासुदेव पाहिमाम् |चक्रराज चक...
29/06/2026

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ रक्ष माम् ।
हे महाबाहो महाबाहो महाबाहो रक्ष माम्।
वासुदेव रक्ष माम् | वासुदेव पाहिमाम् |
चक्रराज चक्रराज रक्ष माम् ।
चक्रराज रक्ष माम् जगन्नाथ पाहि माम् ।
वासुदेव रक्ष माम् । गोपीनाथ पाहि माम् ।
राधाराणि राधाराणि राधाराणि रक्ष माम् |

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