Ramdwara Shivalaya Pooja Samiti

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22/01/2023

रामद्वारा शिवालय पूजा समिति के तत्वाधान में रामद्वारा मंदिर में समिति के सदस्य, पुजारी एवम मंदिर की महिला संगत द्वारा माघ मास के पावन अवसर पर प्रतिदिन प्रातः 9 बजे हवन

22/07/2022

शास्त्रों के अनुसार कौड़ी के विषय में मान्यता..

लक्ष्मी और कौड़ी दोनों सगी बहने हैं। कौड़ी धारणकर्ता की माँ के रूप में रक्षा करती है। बुरी नजर व संकटो से बचाने की इसमे अदभुत क्षमता होती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार भवन निर्माण करते समय छत पर पहले कौड़ी डाली जाती है। फिर दरवाजे की चौखट के साथ भी सबसे पहले कौड़ियाँ ही बाँधी जाती है।
छोटे बच्चों के कंठुले में कौड़ी बांधी जाती है। ताकि उसे नजर ना लगे।
विवाह के समय वर तथा वधु के हाथ में जो कंकण बांधे जाते है। कौड़ी उसमे अवश्य होती है।
भारत के दक्षिण क्षेत्रों में विवाह के समय जो संदूक दिया जाता है। उसमे एक कौड़ी अवश्य डाली जाती है। ऐसा विश्वास है। कि वधु की माँ के रूप में उसे हमेशा मान-सम्मान तथा संतुष्टि दिलाए।
अनेक क्षेत्रों में लक्ष्मी का श्रृंगार कौड़ियों से किया जाता है। कौड़ीओं का प्रयोग केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी किया जाता है। यूनान की देवी वीनस को प्रसन्न करने के लिए वहां के निवासी उस पर कौड़ी ही अर्पण करते है।
वाहन में कौड़ी रखने से ऐसा माना जाता है। कि वाहन के स्वामी को वाहन के माध्यम से धन व समृद्धि प्राप्त होगी तथा वाहन दुर्घटना से भी बचा रहता है।
सड़क पर पड़ी हुई कौड़ी मिलना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी कौड़ी को संभाल कर घर में रखने से बरकत में वृद्धि होती है।
वाहन को बुरी नजर से बचाने के लिए कौड़ी को वाहन में सफ़ेद या काले धागे में बाँध कर सुविधा अनुसार कही भी लटका दें।
वास्तु दोष के निवारण के लिए इसे दरवाजे पर लटकाया जाता है।
घर में आर्थिक सम्पन्नता के लिए इसे अपने धन स्थान पर रखे अथवा घर की उत्तर दिशा में लटका सकते है।
यह ध्यान रखे कि कौड़ी हमेशा 11 या 21 या फिर 51 की संख्या में ही प्रयोग में लानी चाहिए।

08/07/2022

मंदिर में जानें के नियम ....
1= प्रभु के घर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करके ही जाएं।

2= तिलक का बहुत महत्व है। भगवान कृष्ण राम जी, और श्री विष्णु मन्दिर में वैष्णव तिलक और तुलसी माला धारण करके जायें.प्रभु आपको वैष्णव तिलक,गले में तुलसी माला में देख अति प्रसन्न होंगे। चाहे तो आप इत्र भी लगा कर जाएं।

3= ईश्वर के घर खाली हाथ नहीं जाएं। अपने सामर्थ्य अनुसार पुष्प, फल, मिठाई अवश्य लेकर जाएं। मिठाई गाय के घी दूध का ही बना हो कोशिश करें। और जो शुद्ध हो, वैष्णव भक्तों के हाथ का बना हो तो अति उत्तम होगा। नहीं तो पुष्प और फल तो आसानी से सभी जगहों पर मिल ही जाता हैं।

4= श्रीविग्रह के रूप में ईश्वर स्वयं विराजमान हैं। प्रथम उनको देखते ही दंडवत प्रणाम करें।अपने हृदय को प्रभु के चरणों में अर्पित करते हुए । मतलब दंडवत प्रणाम करते समय आपका ह्रदय प्रभु की तरह हो। फिर उनके चरणों से दर्शन शुरू कर मुख कमल पर आकर रुकें। प्रभु का श्रृंगार किया गया वस्त्र अलंकार पुष्प बार बार दर्शन करें।

5= भगवान का दर्शन करते समय कोई और बात नहीं करें, किसी और की तरफ कभी मत देंखे, आपका सारा ध्यान सिर्फ और सिर्फ प्रभु पे ही हो।

6= तुलसी माला अगर प्रसादी में मिले तो कभी भी अपने गले में ना डाले। ताजा तुलसी पत्र माला सिर्फ श्रीभगवान धारण करते हैं,इन्सान नहीं। लेकिन पुष्प माला मिले तो अवश्य माथे लगा पहन लें। और खुशबू ले।

7= मंदिर के आस पास कोई गन्दगी ना करें। प्रभु का घर है ना इसलिए । आपके घर आकर कोई गन्दगी कर निकल ले तो आपको भी अच्छा तो नही लगेगा।

8= मंदिर में सार्मथ्य अनुसार दान कर सके तो अच्छा बात है।आपके दान से ठाकुर सेवा निरन्तर होता रहता है ।

9= कोई जबरन दान करवाए तो ठीक नहीं। आपकी अपनी श्रद्धा।
ईश्वर तो आपके प्रेम के भूखे हैं। लक्ष्मी तो उनकी चरणों की दासी हैं।

ये सब छोटे छोटे नियम हैं, जिनका ध्यान हरि भक्तों को रखना चाहिए।

07/07/2022

पूजा करते समय
!!अति महत्वपूर्ण बातें पूजा से जुड़ी हुई!!

1= जप करते समय जीभ या होंठ को नहीं हिलाना चाहिए। मन में चलना चाहिए। इसे उपांशु जप कहते हैं। इसका फल सौगुणा फलदायक होता हैं।

2= जप करते समय दाहिने हाथ को कपड़े या गौमुखी से ढककर रखना चाहिए।

3= जप के बाद आसन के नीचे की भूमि को स्पर्श कर नेत्रों से लगाना चाहिए।

4= संक्रान्ति, द्वादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, रविवार और सन्ध्या के समय तुलसी तोड़ना निषिद्ध हैं।

5= दीपक से दीपक को नही जलाना चाहिए।

6= यज्ञ, श्राद्ध आदि में काले तिल का प्रयोग करना चाहिए, सफेद तिल का नहीं।

7= शनिवार को पीपल पर जल चढ़ाना चाहिए। पीपल की सात परिक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा करना श्रेष्ठ है,

8= कूमड़ा-मतीरा-नारियल आदि को स्त्रियां नहीं तोड़े या चाकू आदि से नहीं काटें। यह उत्तम नही माना गया हैं।

9= भोजन प्रसाद को लाघंना नहीं चाहिए।

10= देव प्रतिमा देखकर अवश्य प्रणाम करें।

11= किसी को भी कोई वस्तु या दान-दक्षिणा दाहिने हाथ से देना चाहिए।

12= एकादशी, अमावस्या, कृृष्ण चतुर्दशी, पूर्णिमा व्रत तथा श्राद्ध के दिन क्षौर-कर्म (दाढ़ी) नहीं बनाना चाहिए ।

13= बिना यज्ञोपवित या शिखा बंधन के जो भी कार्य, कर्म किया जाता है, वह निष्फल हो जाता हैं।

14= शंकर जी को बिल्वपत्र, विष्णु जी को तुलसी, गणेश जी को दूर्वा, लक्ष्मी जी को कमल प्रिय हैं।

15= शंकर जी को शिवरात्रि के सिवाय कुंकुम नहीं चढ़ती।

16= शिवजी को कुंद, विष्णु जी को धतूरा, देवी जी को आक तथा मदार और सूर्य भगवानको तगर के फूल नहीं चढ़ावे।

17= अक्षत देवताओं को तीन बार तथा पितरों को एक बार धोकर चढ़ावंे।

18= नये बिल्व पत्र नहीं मिले तो चढ़ाये हुए बिल्व पत्र धोकर फिर चढ़ाए जा सकते हैं।

19= विष्णु भगवान को चावल गणेश जी को तुलसी, दुर्गा जी और सूर्य नारायण को बिल्व पत्र नहीं चढ़ावें।

20= पत्र-पुष्प-फल का मुख नीचे करके नहीं चढ़ावें, जैसे उत्पन्न होते हों वैसे ही चढ़ावें।

21= किंतु बिल्वपत्र उलटा करके डंडी तोड़कर शंकर पर चढ़ावें।

22= पान की डंडी का अग्रभाग तोड़कर चढ़ावें।

23= पांच रात्रि तक कमल का फूल बासी नहीं होता है।

24= दस रात्रि तक तुलसी पत्र बासी नहीं होते हैं।

25= सभी धार्मिक कार्यो में पत्नी को दाहिने भाग में बिठाकर धार्मिक क्रियाएं सम्पन्न करनी चाहिए।

26= पूजन करनेवाला ललाट पर तिलक लगाकर ही पूजा करें।

27= पूर्वाभिमुख बैठकर अपने बांयी ओर घंटा, धूप तथा दाहिनी ओर शंख, जलपात्र एवं पूजन सामग्री रखें।

28= घी का दीपक अपने बांयी ओर तथा देवता को दाहिने ओर रखें एवं चांवल पर दीपक रखकर प्रज्वलित करे ।🙏

23/10/2020
रामद्वारा शिवालय पूजा समिति द्वारा द्वितीय सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है,आप सभी लोग सादर आमंत...
01/01/2019

रामद्वारा शिवालय पूजा समिति द्वारा द्वितीय सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है,आप सभी लोग सादर आमंत्रित है और सह्योगकर्ता कार्ड मे अंकित संपर्क सूत्र मे संपर्क कर सहयोग कर धर्मलाभ प्राप्त कर सकते है।
जय श्री कृष्ण

: •   ( प्रतिदिन चाय  वितरण )स्थान :-पुरानी सब्जी मंडी स्थित २२ राम द्वारा मंदिर( इंद्रा मार्केट के सामने) निकट सब्जी मं...
16/01/2018

: • ( प्रतिदिन चाय वितरण )
स्थान :-पुरानी सब्जी मंडी स्थित २२ राम द्वारा मंदिर( इंद्रा मार्केट के सामने) निकट सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन।

आज 16/1/2018 को रामद्वारा शिवालय पूजा समिति ने माघ मास की अमावस्या (मौनी अमावस्या) पर प्रात: 8.00 बजे से चाय बांटी और शीत ऋतु में आज से प्रतिदिन सुबह चाय बांटने का निश्चय किया जिसमें संस्था की सचिव मीनाक्षी तिवारी, राम द्वारा मंदिर के पुजारी आचार्य पंडित मोहित तिवारी , पंडित सुरजीत शास्त्री जी एवं पंडित भोले जी उपस्थित थे इस दौरान सभी भक्तों ने भी बढ़ के सहयोग किया
सेवक:- अजय मिश्रा
चाय का प्रसाद ग्रहण करने की कृपा करें
प्रतिदिन सुबह 8.00 बजे
निवेदक :- रामद्वारा शिवालय पूजा समिति

🚩🚩 पिछले 11 वषों से धार्मिक कार्यक्रमों की कतार में लगी रामद्वारा शिवालय पूजा समिति के द्वारा रामद्वारा मंदिर‌ में आयोजि...
05/01/2018

🚩🚩 पिछले 11 वषों से धार्मिक कार्यक्रमों की कतार में लगी रामद्वारा शिवालय पूजा समिति के द्वारा रामद्वारा मंदिर‌ में आयोजित इस वर्ष का प्रथम पूर्णिमाशी मासिक भंडारा भगवान श्रीराम की कृपा से 2 जनवरी 2018 को संपन्न हुआ ,🚩🚩🚩

जय श्री राम

आगामी पुर्णिमा भण्डारा
🚩🇮🇳31/1/2018🇮🇳🚩

🚩🚩 पुरानी सब्जी मंडी स्थित रामद्वारा मंदिर‌ में रामद्वारा शिवालय पूजा समिति के द्वारा सन् 2007 से चले आ रहे प्रत्तेक पुर...
04/12/2017

🚩🚩 पुरानी सब्जी मंडी स्थित रामद्वारा मंदिर‌ में रामद्वारा शिवालय पूजा समिति के द्वारा सन् 2007 से चले आ रहे प्रत्तेक पुर्णिमा भण्डारे की कतार में 03/12/2017 मार्गशीर्ष पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल भंडारा। 😙🚩🚩🚩

आगामी पुर्णिमा भण्डारा दिनांक:- 02/01/2018

Address

22 Ramdwara Mandir Main Bazar Old Subzi Mandi Dehli 7

Telephone

9999578597

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