21/06/2026
बिहार पुलिस ने तिवारी का इनकाउंटर कर दिया सभी बड़े बड़े पत्रकार से लेकर एक्टिविस्ट तक मुखर होकर फर्जी इनकाउंटर का राग अलाप रहे हैं। लेकिन अगर हमेशा से इसी तरह से सवाल उठाते तो शायद ही इसकी नौबत आती। लेकिन तब जश्न मनाया जा रहा था।
CAA आंदोलन से लेकर संभल में डायरेक्ट मुसलमानों को पुलिस की गोली ने मार दिया, लेकिन तब अब्दुल को टाइट कर रहे थे। पुलिसिया कार्रवाई का लुत्फ उठा रहे थे।
लेकिन जनाब भूल गए थे .. यहां पर सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है...
तिवारी के हाथों में कट्टा था जो खाकी को खुला चैलेंज दे रहे थे, लेकिन उन मुसलमानों की सिर्फ इतनी गलती थी कि वो सिर्फ अपनी हक की आवाज़ बुलंद कर रहे थे। उनके हाथ में कोई हथियार भी नहीं था, मगर उनके फर्जी इनकाउंटर पर जश्न का माहौल था, तो जनाब ..लगेगी आग तो आएंगे कई घर जद में....
वैसे मरे हुए इंसान की बुराई नहीं करनी चाहिए, मगर तिवारी जी के कई पोस्ट के स्क्रीनशॉट वायरल हैं जो मुसलमानों के प्रति उनके नजरिए को साफ जाहिर करता है, तो कल तक जो फर्जी इनकाउंटर पर अब्दुल को टाइट रखने का जश्न मना रहे थे आज उनके अंत पर फर्जी इनकाउंटर को अन्यायपूर्ण बता रहे। फर्जी इनकाउंटर नहीं होना चाहिए देश में अदालत हैं।
खैर, एक पल के लिए सोचिये अगर यही तिवारी की जगह एक मुसलमान हाथों में कट्टा लहराते हुए खाकी को चैलेंज कर रहा होता तो यही लोग उसे आतंकवाद और जिहादी पता नहीं क्या क्या.... लेकिन तिवारी को भगत सिंह की संज्ञा दी जा रही है।
तो जनाब पहले इंसाफ पसंद बनिए नहीं तो सवाल तो होगा
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