22/05/2026
BLT केस नम्बर 1899 मॉडर्न भुतपूर्व मुस्लिमह शीबा प्राइवेट बैंक में बीमा सलाहकार थीं।साथ ही महँगाई की वजह से पार्ट टाइम जॉब के लिए दीपक भाई की @ में भी सलाहकार थीं।कुछ bलो जॉब टाइप का काउंटर संभालती थी।भुतपूर्व मॉडर्न मुस्लिमह जब 22 साल की थीं,तबसे दीपक भाई को अपनी ब्लैक कॉफी जमकर पिला रही थीं।10 साल तक जमकर ब्लैक कॉफी पिलाने के बाद भुतपूर्व मॉडर्न मुस्लिमह 32 साल की हो गईं।और AK47 भंगार।तब शीबा ने दीपक पर गंधर्भ विवाह कर के 7 जन्मों का साथ माँगा।मगर जैसा की आप लोग जानते हैं,भगवा लव ट्रैप में मर्ज़ी रामू भाई की चलती है,ना कि भुतपूर्व मुर्तद मुस्लिमह की।तो यहाँ भी दीपक भाई अपनी जगह पर सही थे,वो मना कर रहे थे,की मैं अपने रास्ते और तुम अपनी कबाड़ AK47 लेकर अपने रास्ते हो जाओ।मगर शीबा नहीं मानी और दीपक भाई पर गंधर्भ विवाह का दबाव बनाने लगीं।जैसा कि आप लोग जानते हैं,हमारे समाज में कुछ ऐसी मुर्तद मुस्लिमह पाई जाती हैं,जो घर से तो जॉब,कॉलेज के लिए फुल इस्लामी ड्रेसकोड में निकलती हैं।मगर बाहर जाते ही,रामू भाई के होटलों में निकल जाती हैं।वही हाल शीबा का था,24 जुलाई 2025 को शीबा घर से निकली ऑफिस का बोलकर। रुकी जाकर दीपक भाई के साथ @ में।पहले तो दीपक भाई ने दिनभर जमकर ब्लैक कॉफी पी।उसके बाद जब शीबा ने फ़िर गंधर्भ विवाह की बात छेड़ी तब 25 जुलाई 2025 को दीपक भाई ने प्यार से मजबूरी में गला घोंटकर शीबा के प्राण पखेरु उड़ा दिए।और शीबा की बॉडी वहीं लावारिस छोड़कर चले गए।अब देखो ना शीबा विवाह के लिए दीपक भाई को मजबूर करती ना दीपक भाई मजबूरी में ऐसा करते।वो तो सबसे सॉफ्ट भगवा लव ट्रैप रूल्स अप्लाई कर रहे थे शीबा पर यूज़ एंड थ्रो वाला।फिलहाल होटल स्टाफ़ की सूचना पर पुलिस आयी,और उसने सीसीटीवी से दीपक भाई को पहचानकर गिरफ्तार कर लिया।जब दीपक भाई से पूछा गया उसने ऐसा क्यों किया तो साफ साफ दीपक भाई ने बोला वो गंधर्भ विवाह का दबाव बना रही थी।जबकि वो मुस्लिम है,और मुस्लिम को हमारे धर्म में मलेच्छ कहा गया है,किसी म्लेच्छ से हम कैसे विवाह कर लेते।अब बताओ इसमें दीपक भाई की कहाँ गलती है?अच्छा थोड़ी ख़ूबसूरती रह गयी।शीबा की माँ का कहना था,उनकी 32 साल की बेटी को दीपक बहला फुसलाकर @ होटल में ले गया था।देख रहा है,विनोद।वहीं शीबा के चाचा का कहना था,शीबा बहुत खुशमिजाज़,
मोहब्बती लड़की थी।अच्छा ये लाइन भगवा लव ट्रैप में जितनी भी भुतपूर्व, मुर्तद मुस्लिमह बनी सबके घर वालों के मुहँ से सुनी है।और सबसे खूबसूरत बात शीबा ने ज़िन्दगी भर शादी ना करने का प्रण ले रखा था।क्योंकि वो अपनी माँ का बेटा बनकर उनके साथ ज़िन्दगी भर रहना चाहती थी।मगर फ़िर वही बात बुरी ज़रूर लगती है।मगर सच है।ऐसी लड़कियों का जनाज़ा पढ़ाया जाता है।क़ब्रिस्तान में जगह दी जाती है।दीन के ख़िलाफ़ जाकर।अब दीन के ख़िलाफ़ जाकर सारे काम होंगे तो आफ़त तो आना ही आना है।मुझे मेरे अकेले के विचार मालूम हैं,ऐसी लड़कियों का जो जनाज़ा पढ़ाये उन मौलवी साहब तक का बॉयकॉट कर देना चाहिए।और लड़की के घर वालों का भी तब हो सकता है,थोड़ा सुधार आये।बहुत समय बर्बाद कर दिया,मूर्तद पर।अच्छा नज़र ना लगे क्या किस्मत पाई थी शीबा ने @ होटल में मौत मिली।किस्मत वालों को ऐसी मौत नसीब होती है।अंत में इतना ही वो महान थी।
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