21/05/2026
परमेश्वर ने इस्राएलियों को मिस्र से निकलते समय सोना और गहने एक आशीष के रूप में दिए थे, ताकि वे उनसे परमेश्वर का पवित्र तम्बू और वेदी सजा सकें। लेकिन लोगों ने धीरज खो दिया और उसी सोने का उपयोग बछड़ा (मूर्ति) बनाने के लिए किया।
*सीख* :परमेश्वर हमें जो भी धन, प्रतिभा या आशीष देते हैं, उनका उपयोग उसकी महिमा के लिए होना चाहिए। यदि हम उन आशीषों को परमेश्वर से ज़्यादा महत्व देने लगते हैं, तो वे हमारे जीवन में 'सुनहरे बछड़े' के समान मूर्ति बन जाती हैं।
Rev. Amit Samson
Mount Sinai