वीर तेजा ग्रुप - इसे विश्व का सबसे बड़ा ग्रुप बनाने मे हमारी मदद करें

  • Home
  • India
  • Degana
  • वीर तेजा ग्रुप - इसे विश्व का सबसे बड़ा ग्रुप बनाने मे हमारी मदद करें

वीर तेजा ग्रुप - इसे विश्व का सबसे बड़ा ग्रुप बनाने मे हमारी मदद करें तेजाजी ने ग्यारवीं शदी में गायों की डाकुओं से रक्षा करने में अपने प्राण दांव पर लगा दिये थे।

तेजाजी राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात प्रान्तों में लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। किसान वर्ग अपनी खेती की खुशहाली के लिये तेजाजी को पूजता है। तेजाजी के वंशज मध्यभारत के खिलचीपुर से आकर मारवाड़ मे बसे थे। नागवंश के धवलराव अर्थात धौलाराव के नाम पर धौल्या गौत्र शुरू हुआ। तेजाजी के बुजुर्ग उदयराज ने खड़नाल पर कब्जा कर अपनी राजधानी बनाया। खड़नाल परगने में 24 गांव थे।

तेजाजी ने ग्यारवीं शदी में गा

यों की डाकुओं से रक्षा करने में अपने प्राण दांव पर लगा दिये थे। वे खड़नाल गाँव के निवासी थे। भादो शुक्ला दशमी को तेजाजी का पूजन होता है। तेजाजी का भारत के जाटों में महत्वपूर्ण स्थान है। तेजाजी सत्यवादी और दिये हुये वचन पर अटल थे। उन्होंने अपने आत्म - बलिदान तथा सदाचारी जीवन से अमरत्व प्राप्त किया था। उन्होंने अपने धार्मिक विचारों से जनसाधारण को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया और जनसेवा के कारण निष्ठा अर्जित की। जात - पांत की बुराइयों पर रोक लगाई। शुद्रों को मंदिरों में प्रवेश दिलाया। पुरोहितों के आडंबरों का विरोध किया। तेजाजी के मंदिरों में निम्न वर्गों के लोग पुजारी का काम करते हैं। समाज सुधार का इतना पुराना कोई और उदाहरण नहीं है। उन्होंने जनसाधारण के हृदय में हिन्दू धर्म के प्रति लुप्त विश्वास को पुन: जागृत किया। इस प्रकार तेजाजी ने अपने सद्कार्यों एवं प्रवचनों से जन - साधारण में नवचेतना जागृत की, लोगों की जात - पांत में आस्था कम हो गई।

~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~सभी तेजाजी महाराज के भक्तो से निवेदन है कि एक बार कमेंट बोक्स मे तेजाजी महार...
19/12/2015

~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~
सभी तेजाजी महाराज के भक्तो से निवेदन है कि एक बार कमेंट बोक्स मे तेजाजी महाराज का जयकारा जरुर लगावे.
~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~
Post by _ http://royalgovtjobs.com

19/07/2015

गाज्यो गाज्यो जेठ अषाढ कंवर तेजा रे,

गाज्यो रे लगतोडो सावन भादवो.

17/07/2015

एक बेटा अपने पिता जी की मौत के
बाद माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ आया !
समय समय पर वह मिलकर आता रहा।
पर माँ ने कभी कोई शिकायत नहीं की !
एक दिन बेटे को वृद्धाश्रम से फोन
आया कि आपकी माँ की तबियत ठीक नहीं है
जल्दी आइये …
बेटा जाकर देखता है कि उसकी माँ मरने वाली है ..
उसने पूछा – माँ आपकी कोई आखिरी ख्वाहिश ??
माँ ने कहा – बेटा , हो सके तो वृद्धाश्रम में पंखें लगवा देना यहाँ एक भी पंखा नहीं है !
बेटा - माँ क्या यहाँ पंखा भी नहीं था फिर
आपने कभी कहा क्यूँ नहीं …
अब तो आप जा रही हो अब क्यूँ ??
माँ – बेटा …. मैंनें अपना कष्ट तो सह लिया ..
पर जब तुम्हारा बेटा तुम्हें यहाँ छोड़कर जायेगा तो ये माँ मरकर भी अपने बेटे का वो कष्ट सहन न कर पायेगी...
माँ आखिर माँ होती है..
लाईक तो बनता है Boss

जाटो की शान,तेजाजी महान~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~
15/07/2015

जाटो की शान,

तेजाजी महान

~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~

Jai Tejaji Maharaj Ki Jaiमोती सम न उजला, चन्दन सम ना काठ।तेजा सम न देवता, पल में करदे ठाठ।।Howmany Like This?Jai Tejaji ...
14/07/2015

Jai Tejaji Maharaj Ki Jai
मोती सम न उजला, चन्दन सम ना काठ।

तेजा सम न देवता, पल में करदे ठाठ।।
Howmany Like This?
Jai Tejaji Maharaj Ki Jai

~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~सभी तेजाजी महाराज के भक्तो से निवेदन है कि एक बार कमेंट बोक्स मे तेजाजी महार...
13/07/2015

~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~
सभी तेजाजी महाराज के भक्तो से निवेदन है कि एक बार कमेंट बोक्स मे तेजाजी महाराज का जयकारा जरुर लगावे.
~~~~जाट शिरोमणि श्री तेजाजी महाराज की जय~~~~

जय हो वीर तेजाजी महाराज कीवीर तेजा ग्रुप मे जुडने पर आप सभी दोस्तो का बहुत-बहुत शुक्रिया.सभी दोस्तो से निवेदन है कि आप इ...
13/07/2015

जय हो वीर तेजाजी महाराज की

वीर तेजा ग्रुप मे जुडने पर आप सभी दोस्तो का बहुत-बहुत शुक्रिया.

सभी दोस्तो से निवेदन है कि आप इस पेज के लिंक को अपनी प्रोफाईल मे शेयर करो और अपने दोस्तो को भी इस ग्रुप मे जोडने के लिये सहायता करो.
इस पेज का लिंक है - https://www.facebook.com/Veer.Teja.Group
आपसे हाथ जोडकर विनती है कि अपने दोस्तो को इस ग्रुप मे जोडने के लिये उन्हे इनवाईट करो.

धन्यवाद

07/07/2015

तेजाजी का जन्म एवं परिचय
खरनाल नागौर में तेजाजी का मंदिर
सुरसुरा अजमेर में तेजाजी का धाम

लोक देवता तेजाजी का जन्म नागौर जिले में खड़नाल गाँव में ताहरजी (थिरराज) और रामकुंवरी के घर माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 यथा 29 जनवरी 1074 को जाट परिवार में हुआ था। उनके पिता गाँव के मुखिया थे। यह कथा है कि तेजाजी का विवाह बचपन में ही पनेर गाँव में रायमल्जी की पुत्री पेमल के साथ हो गया था किन्तु शादी के कुछ ही समय बाद उनके पिता और पेमल के मामा में कहासुनी हो गयी और तलवार चल गई जिसमें पेमल के मामा की मौत हो गई। इस कारण उनके विवाह की बात को उन्हें बताया नहीं गया था। एक बार तेजाजी को उनकी भाभी ने तानों के रूप में यह बात उनसे कह दी तब तानो से त्रस्त होकर अपनी पत्नी पेमल को लेने के लिए घोड़ी 'लीलण' पर सवार होकर अपनी ससुराल पनेर गए। रास्ते में तेजाजी को एक साँप आग में जलता हुआ मिला तो उन्होंने उस साँप को बचा लिया किन्तु वह साँप जोड़े के बिछुड़ जाने कारण अत्यधिक क्रोधित हुआ और उन्हें डसने लगा तब उन्होंने साँप को लौटते समय डस लेने का वचन दिया और ससुराल की ओर आगे बढ़े। वहाँ किसी अज्ञानता के कारण ससुराल पक्ष से उनकी अवज्ञा हो गई। नाराज तेजाजी वहाँ से वापस लौटने लगे तब पेमल से उनकी प्रथम भेंट उसकी सहेली लाछा गूजरी के यहाँ हुई। उसी रात लाछा गूजरी की गाएं मेर के मीणा चुरा ले गए। लाछा की प्रार्थना पर वचनबद्ध हो कर तेजाजी ने मीणा लुटेरों से संघर्ष कर गाएं छुड़ाई। इस गौरक्षा युद्ध में तेजाजी अत्यधिक घायल हो गए। वापस आने पर वचन की पालना में साँप के बिल पर आए तथा पूरे शरीर पर घाव होने के कारण जीभ पर साँप से कटवाया। किशनगढ़ के पास सुरसरा में सर्पदंश से उनकी मृत्यु भाद्रपद शुक्ल 10 संवत 1160, तदनुसार 28 अगस्त 1103 हो गई तथा पेमल ने भी उनके साथ जान दे दी। उस साँप ने उनकी वचनबद्धता से प्रसन्न हो कर उन्हें वरदान दिया। इसी वरदान के कारण तेजाजी भी साँपों के देवता के रूप में पूज्य हुए। गाँव गाँव में तेजाजी के देवरे या थान में उनकी तलवारधारी अश्वारोही मूर्ति के साथ नाग देवता की मूर्ति भी होती है। इन देवरो में साँप के काटने पर जहर चूस कर निकाला जाता है तथा तेजाजी की तांत बाँधी जाती है। तेजाजी के निर्वाण दिवस भाद्रपद शुक्ल दशमी को प्रतिवर्ष तेजादशमी के रूप में मनाया जाता है। तेजाजी का जन्म धौलिया गौत्र के जाट परिवार में हुआ। धैालिया शासकों की वंशावली इस प्रकार है:- 1.महारावल 2.भौमसेन 3.पीलपंजर 4.सारंगदेव 5.शक्तिपाल 6.रायपाल 7.धवलपाल 8.नयनपाल 9.घर्षणपाल 10.तक्कपाल 11.मूलसेन 12.रतनसेन 13.शुण्डल 14.कुण्डल 15.पिप्पल 16.उदयराज 17.नरपाल 18.कामराज 19.बोहितराव 20.ताहड़देव 21.तेजाजी

तेजाजी के बुजुर्ग उदयराज ने खड़नाल पर कब्जा कर अपनी राजधानी बनाया। खड़नाल परगने में 24 गांव थे। तेजाजी का जन्म खड़नाल के धौल्या गौत्र के जाट कुलपति ताहड़देव के घर में चौदस वार गुरु, शुक्ल माघ सत्रह सौ तीस को हुआ। तेजाजी के जन्म के बारे में मत है-

जाट वीर धौलिया वंश गांव खरनाल के मांय।

आज दिन सुभस भंसे बस्ती फूलां छाय।।

शुभ दिन चौदस वार गुरु, शुक्ल माघ पहचान।

सहस्र एक सौ तीस में प्रकटे अवतारी ज्ञान।।

Address

VPO/PUNDLOTA
Degana
341503

Telephone

+91-9772825202

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when वीर तेजा ग्रुप - इसे विश्व का सबसे बड़ा ग्रुप बनाने मे हमारी मदद करें posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share