Gurudwara Burnpur

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Shaheed Diwas – 23 March 2026 🙏🇮🇳🇮🇳On this solemn day, we pay our heartfelt tribute to the महान क्रांतिकारी heroes of In...
22/03/2026

Shaheed Diwas – 23 March 2026 🙏🇮🇳🇮🇳

On this solemn day, we pay our heartfelt tribute to the महान क्रांतिकारी heroes of India — Bhagat Singh, Shivaram Rajguru, and Sukhdev Thapar — who sacrificed their lives for the freedom of our nation.

On 23rd March 1931, these brave sons of India were martyred by the British government. Their courage, patriotism, and fearless stand against injustice awakened the spirit of freedom across the country. At such a young age, they showed the world what true sacrifice means.

Bhagat Singh became a symbol of revolution and youth power. Rajguru stood with unmatched bravery, and Sukhdev showed unwavering commitment to the cause of independence. Their martyrdom was not just a sacrifice—it was a spark that ignited a nationwide movement against colonial rule.

Today, as we remember their legacy, we must pledge to uphold the values they stood for — justice, unity, and love for our nation.

We salute our martyrs. We will never forget their sacrifice.

With deep respect and श्रद्धांजलि,

Surendra Singh
Secretary
Burnpur Gurudwara Prabandhak Committee (BGPC)

On behalf of all members of BGPC

21/03/2026

सुरेन्द्र सिंह
सचिव, बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
तथा समस्त कमेटी सदस्य एवं पूरे बर्नपुर सिख समाज की ओर से,

आप सभी को पावन पर्व नवरात्रि एवं ईद 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।

ये दोनों पवित्र पर्व हमें आस्था, सेवा, त्याग, भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं। मां दुर्गा की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए तथा ईद का यह अवसर सभी के दिलों में प्रेम, सद्भाव और इंसानियत को मजबूत करे।

आइए, हम सभी मिलकर समाज में आपसी भाईचारे और एकता को और मजबूत बनाएं।

आप सभी को नवरात्रि एवं ईद की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।

धन्यवाद।

गुरियाई पर्वसातवें पातशाह श्री गुरु हरिराय साहिब जीश्री गुरु हरिराय साहिब जी का प्रकाश बाबा गुरदित्ताजी और माता निहाल कौ...
16/03/2026

गुरियाई पर्व
सातवें पातशाह श्री गुरु हरिराय साहिब जी
श्री गुरु हरिराय साहिब जी का प्रकाश बाबा गुरदित्ताजी और माता निहाल कौर जी के घर श्री कीरतपुर साहिब में हुआ। आप जी श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी के रिश्ते में पोते लगते थे। आप जी ने श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी की देख-रेख में गुरमत विद्या, शस्त्र विद्या और घुड़सवारी की शिक्षा प्राप्त की।
नौवें पातशाह जी द्वारा गुरियाई की बख्शिश मिलने के समय आपकी आयु 14 वर्ष की थी। गुरियाई की रस्म बाबा बुड्ढा जी के पुत्र भाई भाना जी ने निभाई।
श्री गुरु हरिराय साहिब जी ने अपने गुरियाई काल के दौरान दीन-दुखियों की सेवा के लिए दवाखाने स्थापित किए और पर्यावरण की रक्षा तथा जागरूकता के लिए बाग-बगीचे भी लगवाए। सिख धर्म में श्री गुरु हरिराय साहिब जी के गुरियाई पर्व को पर्यावरण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है 🙏🏻🪯
Darbar Sahib Amritsar Singh News.com

दिल्ली फ़तेह दिवस – सिख वीरता और आत्मसम्मान का अमर इतिहास आज का दिन भारतीय इतिहास में उस गौरवशाली क्षण की याद दिलाता है ...
15/03/2026

दिल्ली फ़तेह दिवस – सिख वीरता और आत्मसम्मान का अमर इतिहास
आज का दिन भारतीय इतिहास में उस गौरवशाली क्षण की याद दिलाता है जब खालसा पंथ की वीरता और साहस ने दिल्ली की सत्ता को चुनौती दी और अन्याय के सामने सिर झुकाने से इंकार कर दिया।
सन 1783 में महान सिख सरदार बाबा बघेल सिंह, जस्सा सिंह आहलूवालिया और जस्सा सिंह रामगढ़िया की अगुवाई में खालसा सेना ने दिल्ली में प्रवेश किया। सिख योद्धाओं ने अपनी अद्भुत वीरता और संगठन शक्ति का परिचय देते हुए लाल किले तक पहुंचकर वहाँ निशान साहिब लहराया। यह केवल एक सैन्य विजय नहीं थी, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता, न्याय और आत्मसम्मान की ऐतिहासिक घोषणा थी।
इस विजय के बाद दिल्ली की धरती पर उन पवित्र स्थलों पर गुरुद्वारों का निर्माण हुआ जो सिख गुरुओं की स्मृतियों से जुड़े थे। आज गुरुद्वारा शीश गंज साहिब, गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, गुरुद्वारा बंगला साहिब जैसे पवित्र स्थल उसी ऐतिहासिक संघर्ष और खालसा की महान विरासत के साक्षी हैं।
दिल्ली फ़तेह दिवस हमें यह संदेश देता है कि जब उद्देश्य धर्म, न्याय और मानवता की रक्षा का हो, तो साहस और एकता से असंभव भी संभव हो जाता है।
आइए, इस गौरवमयी दिवस पर हम सिख इतिहास की इस महान गाथा को याद करें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाने का संकल्प लें।
🙏 बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सभी संगत और भारतवासियों को दिल्ली फ़तेह दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देती है और अरदास करती है कि वाहेगुरु जी सब पर अपनी कृपा बनाए रखें।
#दिल्ली_फ़तेह_दिवस










               Kaur वास्तव में भारत के स्वतंत्रता संग्राम की उन वीरांगनाओं में से थीं जिनका योगदान बहुत बड़ा था, लेकिन इ...
12/03/2026














Kaur वास्तव में भारत के स्वतंत्रता संग्राम की उन वीरांगनाओं में से थीं जिनका योगदान बहुत बड़ा था, लेकिन इतिहास की मुख्य धारा में उनका नाम उतना प्रसिद्ध नहीं हो पाया। उनका जीवन साहस, त्याग और क्रांतिकारी भावना का अद्भुत उदाहरण है। नीचे उनके जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और कम-जाने पहलू दिए जा रहे हैं:
1. प्रारंभिक जीवन
गुलाब कौर का जन्म पंजाब के एक साधारण सिख परिवार में हुआ था (अधिकतर स्रोत उनके जन्म स्थान को कपूरथला क्षेत्र से जोड़ते हैं)। उस समय पंजाब में बड़ी संख्या में लोग रोज़गार की तलाश में विदेश जा रहे थे, इसलिए शादी के बाद वे भी अपने पति के साथ विदेश चली गईं।
वे पहले Manila पहुँचीं। उस समय मनीला दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय क्रांतिकारियों की एक महत्वपूर्ण गतिविधि का केंद्र बन चुका था।
2. गदर आंदोलन से जुड़ाव
मनीला में उनका संपर्क Ghadar Party के सदस्यों से हुआ।
गदर पार्टी की स्थापना 1913 में विदेशों में बसे भारतीयों ने की थी, जिसका मुख्य केंद्र San Francisco था। इसका उद्देश्य था:
ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति
विदेशों में रह रहे भारतीयों को संगठित करना
भारत में विद्रोह की तैयारी करना
गुलाब कौर इस आंदोलन से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने पूरी तरह क्रांतिकारी जीवन अपनाने का निर्णय ले लिया।
3. भारत लौटने का साहसिक निर्णय
1914–1915 के समय जब गदर पार्टी ने अपने सदस्यों से भारत लौटकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह की तैयारी करने को कहा, तब गुलाब कौर ने भी भारत लौटने का निश्चय किया।
उनके पति अमेरिका जाकर बसना चाहते थे
लेकिन गुलाब कौर ने देशभक्ति को प्राथमिकता दी
वे अकेले ही पंजाब वापस आ गईं
यह उस समय एक महिला के लिए अत्यंत साहसिक निर्णय था।
4. गुप्त क्रांतिकारी गतिविधियाँ
भारत आने के बाद उन्होंने कई खतरनाक भूमिकाएँ निभाईं:
1. गदर साहित्य का वितरण
वे क्रांतिकारी अखबार “Ghadar” और अन्य गुप्त पत्रक लोगों तक पहुँचाती थीं।
2. हथियार पहुँचाना
ब्रिटिश पुलिस से बचने के लिए वे अलग-अलग भेष बदलती थीं—
कभी ग्रामीण महिला, कभी धार्मिक यात्री।
3. लोगों को क्रांति के लिए प्रेरित करना
पंजाब के गांवों में जाकर वे युवाओं को ब्रिटिश शासन के खिलाफ उठ खड़े होने के लिए प्रेरित करती थीं।
5. गिरफ्तारी और कारावास
आखिरकार ब्रिटिश सरकार को उनकी गतिविधियों का पता चल गया।
उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया
कई वर्षों तक कठोर कारावास दिया गया
जेल में भी उन्होंने अपने विचारों से समझौता नहीं किया
ब्रिटिश शासन उस समय गदर आंदोलन से बहुत डरता था, इसलिए उसके सदस्यों के साथ बहुत कठोर व्यवहार किया जाता था।
6. क्यों भुला दी गईं गुलाब कौर?
इतिहासकारों के अनुसार इसके कुछ कारण हैं:
गदर आंदोलन का इतिहास लंबे समय तक दबा रहा
महिला क्रांतिकारियों को कम महत्व दिया गया
उनका जीवन अधिकतर गुप्त गतिविधियों में बीता
लेकिन आज पंजाब और सिख इतिहास में उन्हें एक प्रेरणादायक क्रांतिकारी महिला के रूप में याद किया जाता है।
गुलाब कौर की सबसे बड़ी विरासत यह है कि उन्होंने साबित किया कि भारत की आज़ादी की लड़ाई केवल पुरुषों ने नहीं लड़ी—महिलाओं ने भी उतनी ही बहादुरी से हिस्सा लिया।🇮🇳🇮🇳



04/03/2026

श्री आनंदपुर साहिब की पावन भूमि पर, दसवें पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने होला-मोहल्ला की परंपरा स्थापित की, जो खालसा, जाहो-जलाल और शौर्य की शक्ति का प्रतीक है, गुरु साहिब द्वारा निभाई गई यह अनूठी परंपरा मानव को निडर जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

आइये इस अवसर पर सभी के कल्याण और पंथ के उत्थान के लिए मिलकर प्रार्थना करें।

पूरी संगत को होला मौहल्ला की लख लख बधाई.


























29/01/2026

Singh News.com

संगरांद और माघी – 14 जनवरी 2026 | श्री मुकतसर साहिब 14 जनवरी 2026 को सिख पंथ माघ महीने का पवित्र संगरांद मनाता है, जो सि...
13/01/2026

संगरांद और माघी – 14 जनवरी 2026 | श्री मुकतसर साहिब 14 जनवरी 2026 को सिख पंथ माघ महीने का पवित्र संगरांद मनाता है, जो सिख इतिहास में एक आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन विशेष रूप से श्री मुकतसर साहिब में मनाया जाता है, जहां मुकतसर की ऐतिहासिक लड़ाई हुई थी। इस पवित्र भूमि पर, चाली मुक्ते (चालीस मुक्त) ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साथ लड़ते हुए शहादत प्राप्त की, और गुरु की दिव्य कृपा से उन्हें मुक्ति (आवागमन से मुक्ति) प्रदान की गई। तब से, मुकतसर साहिब ने सच्चाई और साहस का एक पवित्र स्थल बना हुआ है। संगरांद हमें याद दिलाता है: सत्य और धर्म पर अडिग रहना धर्म के लिए बलिदान गुरु साहिब की इच्छा के प्रति पूर्ण समर्पण इस शुभ अवसर पर, हम सिख संगत से विनम्र अनुरोध करते हैं कि वे चाली मुक्तों के महान बलिदानों को याद करें, गुरबाणी का पाठ करें, और पंथ की चढ़दीकाला के लिए गुरु साहिब का आशीर्वाद लें। धन गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज 🙏🏻 धन गुरु दे चाली मुक्ते 🙏🏻 सेवादार, सुरेंद्र सिंह बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सभी सदस्यों के साथ.

#संगरांद #माघी #श्रीमुकतसरसाहिब #गुरुगोबिंदसिंहजी #चालिमुक्ते #सिखइतिहास #मुक्ति #गुरबाणी #चढ़दीकाला #सिखपंथ #गुरुद्वारा #पंजाब #भारत

Ten-year-old Shravan Singh from Chak Taran Wali village in Ferozepur, Punjab, was honoured with the Pradhan Mantri Rasht...
26/12/2025

Ten-year-old Shravan Singh from Chak Taran Wali village in Ferozepur, Punjab, was honoured with the Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar 2025 for his selfless service to Indian Army soldiers during Operation Sindhoor. The award was presented to him by Droupadi Murmu at a ceremony held at Vigyan Bhawan in New Delhi on December 26, 2025.

During the t€nse period along the India–Pakistan border in May 2025, Shravan fearlessly delivered milk, lassi, water, tea, and ice to soldiers stationed at forward posts near his village, located just about 2 km from the international border. Braving €xtreme heat and the sound of gu*nf!re, the young boy made daily trips to support the troops. He also inspired his family to open their home to soldiers, offering them rest and basic logistical help.

Recognised by the Indian Army as its “youngest civil warrior,” Shravan’s courage and patriotism have drawn praise from across the country. His story stands as a powerful reminder that service to the nation knows no age and that even the smallest acts of kindness can make a big difference.

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Congratulations Team India! 🇮🇳🇮🇳India has created history by defeating South Africa in the Women’s World Cup 2025 Final!...
02/11/2025

Congratulations Team India! 🇮🇳🇮🇳

India has created history by defeating South Africa in the Women’s World Cup 2025 Final!
A proud moment for the entire nation — our daughters have once again made India shine on the world stage. 🌍✨

The entire Burnpur Gurudwara Committee congratulates the Indian Women’s Cricket Team for their remarkable victory, dedication, and spirit of unity. 🙏💐

Waheguru ji ka Khalsa, Waheguru ji ki Fateh!

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Burnpur
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