22/01/2026
माता लक्ष्मी की कृपा, सुख और समृद्धि प्राप्त करने के लिए यहाँ कुछ अत्यंत प्रभावशाली श्लोक दिए गए हैं:
1. महालक्ष्मी अष्टकम (मुख्य श्लोक)
यह श्लोक माँ लक्ष्मी की दिव्यता और उनकी महिमा का वर्णन करता है।
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥
अर्थ: हे महामाया! आपको नमस्कार है। आप देवताओं द्वारा पूजित और श्रीपीठ (शक्ति के केंद्र) पर स्थित हैं। अपने हाथों में शंख, चक्र और गदा धारण करने वाली हे महालक्ष्मी! आपको प्रणाम है।
2. समृद्धि और सौभाग्य के लिए
यह श्लोक देवी लक्ष्मी को सभी वैभव और ऐश्वर्य की स्वामिनी के रूप में पूजने के लिए है।
सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥
अर्थ: हे देवी! आप सिद्धि, बुद्धि, भोग और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं। मंत्रों द्वारा सदा पवित्र रहने वाली हे महालक्ष्मी! आपको मेरा नमस्कार है।
3. देवी स्तुति (सर्वत्र व्याप्ति)
दुर्गा सप्तशती के इस श्लोक का उपयोग माँ लक्ष्मी के धन और वैभव रूप की वंदना के लिए किया जाता है।
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
अर्थ: जो देवी सभी प्राणियों में 'लक्ष्मी' (समृद्धि) के रूप में स्थित हैं, उन्हें मेरा बार-बार नमस्कार है।
4. लक्ष्मी गायत्री मंत्र
मानसिक शांति और धन की वृद्धि के लिए इस मंत्र का जाप बहुत शुभ माना जाता है:
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्॥
अर्थ: हम भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी को जानते हैं और उनका ध्यान करते हैं। वे देवी लक्ष्मी हमें सत्कर्मों की ओर प्रेरित करें।