24/02/2026
आज पूरे दृढ़ संकल्प और जिम्मेदारी के साथ यह कहना चाहता हूँ कि मैं बिहार सरकार के उस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ, जिसमें डीजे के साथ-साथ आर्केस्ट्रा को भी पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया गया है।
यह फैसला केवल मनोरंजन पर रोक नहीं है,
बल्कि यह उन हजारों गरीब, मेहनतकश कलाकारों, वाद्ययंत्र बजाने वालों, गायक-वादकों और उनके परिवारों के रोज़गार पर सीधा हमला है।
जो लोग कला और संगीत के सहारे अपनी आजीविका चलाते हैं,
उनकी आवाज़ को बिना सुने लिया गया ऐसा निर्णय अन्यायपूर्ण और असंवेदनशील है।
हम कानून, शांति और सामाजिक मर्यादा के पक्षधर हैं,
लेकिन पूरे समुदाय को दंडित करना समाधान नहीं हो सकता।
यदि कहीं गलतियाँ हो रही हैं, तो उन्हें सुधारने का रास्ता निकाला जाए,
न कि गरीबों की थाली छीन ली जाए।
मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूँ —
समाज जो भी सामूहिक और लोकतांत्रिक निर्णय लेगा,
मैं उसके साथ पूरी तत्परता, मजबूती और ईमानदारी से खड़ा रहूँगा।
हमारा संघर्ष संविधान, इंसानियत और न्याय के रास्ते पर होगा।
हम झुकेंगे नहीं, डरेंगे नहीं,
बल्कि शांति, एकता और संगठन के साथ
अपने हक़ और सम्मान की लड़ाई लड़ेंगे।
रविदास एकता मिशन