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15/09/2026

दीनदयाल भरोसे तेरे 🙏🙏

09/09/2026

राधास्वामी सतगुरु जी !!♥️🙏

जा की प्रीत गोबिंद सिउ लागी !! दूख दरद भ्रम ता का भागी !!राधास्वामी जी 🙏🙏
12/08/2026

जा की प्रीत गोबिंद सिउ लागी !! दूख दरद भ्रम ता का भागी !!
राधास्वामी जी 🙏🙏

आज दिवस लेऊं बलिहारा, मेरे घर आया राम जी का प्यारा करूं दंडवत ,चरण पखारूं, तन मन धन  उन पर वारूं सतगुरु जी के जन्म दिवस ...
01/08/2026

आज दिवस लेऊं बलिहारा, मेरे घर आया राम जी का प्यारा

करूं दंडवत ,चरण पखारूं, तन मन धन उन पर वारूं

सतगुरु जी के जन्म दिवस की बधाई ! राधास्वामी जी🙏

कंठि लाय अवगुण सभि मेटे ,दयाल पुरख बखसंद ।। 🌞🙏🙏
29/07/2026

कंठि लाय अवगुण सभि मेटे ,दयाल पुरख बखसंद ।।
🌞🙏🙏

चरण धूरि तेरी,सेवक मांगे तेरे दर्शन तो बलिहारा राधास्वामी जी 🙏🙏
02/07/2026

चरण धूरि तेरी,सेवक मांगे
तेरे दर्शन तो बलिहारा
राधास्वामी जी 🙏🙏

02/07/2026

मनुष्य ने अपने हक़ की कमाई छोड़कर दूसरे का हक़, फरेब से खाना अच्छा समझा है।यह नहीं समझा कि जो मालिक ने मुझे दिया है,हो मेरे खाने के लिए दिया है,सो मैं नौ हिस्से खुद खाऊं और दसवां मेरा नहीं है,मेरे पैदा करने वाले मालिक का है।मेरा उसके साथ करार है कि मैं अपनी कमाई से दसवां हिस्सा मालिक को दूंगा,यह मनुष्य ने नहीं समझा है। ज्यों-ज्यों इसने बड़ाई पाई, त्यों त्यों अपने से जो छोटे या अदने थे,ज़ोर या ठगी से उनकी कमाई खाना ठीक समझा।अपनी कमाई या तो जमा की या फ़िज़ूल ख़र्च कर दी‌।
ऐसे बुरे कार्य करके जिनका खाया था,उनका आगे जाकर ज़रूर चुकाना भी था।सो जन्म ले लेकर वो चुकाया,डोर ,पशु गधा बन बन कर जी। समझ लो, अपनी हक की कमाई के सिवाय किसी का नहीं खाना जी।यह परमार्थ की पहली सीढ़ी है।
: परमार्थी पत्र
राधास्वामी जी🙏

14/06/2026

तू प्यार का सागर है 🙏🙏
राधास्वामी जी

04/06/2026

साडा शहंशाह फ़कीर ♥️🙏🙏दिल मोह के लै गया
राधास्वामी जी

"हम लोग जब नाम का अभ्यास शुरू करते हैं तो तुरंत ही उसके फल के लिए झोली फैला देते हैं।इस अभ्यास के फल बहुत हैं,पर पत्तों ...
03/06/2026

"हम लोग जब नाम का अभ्यास शुरू करते हैं तो तुरंत ही उसके फल के लिए झोली फैला देते हैं।इस अभ्यास के फल बहुत हैं,पर पत्तों की तरह बीज के अंकुरित होते ही नहीं लग जाते। हथेली पर सरसों नहीं थमती।हम लोगों के खाते हमेशा घाटेके होते हैं।पता नहीं किस किस तरह के बुरे कर्म करके,कौन कौन सी देनदारी इकट्ठी किए हुए हैं।
जब अभ्यास करते हैं तो पहले यह देनदारियां खत्म होती हैं, फिर खाते में कुछ जमा होता है। पुराने कर्ज भुगतान करके , ऊपर की चढ़ाई शुरू होती है। "

बुरे कर्मों से बचो, करने आसान हैं,भुगतने बहुत मुश्किल

राधास्वामी जी🙏

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