11/07/2026
अरबी हर्फ 'स्वाद' (ص) और सफाई का इल्म
इस्लाम में 'तहारत' (सफाई) को आधा ईमान कहा गया है। जिस तरह साबुन (साबून) जिस्म की गंदगी को साफ करता है, उसी तरह इल्म और कुरान की तिलावत रूह को साफ करती है। अरबी हर्फ 'स्वाद' (ص) का मखरज यह है कि यह ज़बान की नोक और निचले सामने वाले दांतों की जड़ से अदा होता है। इल्म हासिल करना हर मुसलमान पर फर्ज़ है।
सवाल: इस्लाम में तहारत (सफाई) के बारे में क्या कहा गया है?
सफाई आधा ईमान है
सफाई सुन्नत है
सफाई सेहत के लिए ज़रूरी है
सही जवाब कमेंट में बताएं!