सनातन एकता परिषद

सनातन एकता परिषद धर्म तत्व का प्रचार कर, धर्म व राष्ट्र की सेवा

12/04/2025

सनातन एकता परिषद के योद्धा आगरा पहुंच रहे
महापुरुषों के सम्मान में
सनातन एकता परिषद मैदान में

12/10/2024

विजयदशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

कभी हमने एक साथ धर्म की यथासंभव सेवा का प्रण लिया काफी समय तक समाज को जागृत कर समस्याओं से निजात पाने में लगे रहे।जब  Dw...
09/08/2024

कभी हमने एक साथ धर्म की यथासंभव सेवा का प्रण लिया काफी समय तक समाज को जागृत कर समस्याओं से निजात पाने में लगे रहे।जब Dwivedi Dwivedi जी ने मुझसे कहा कि आप मुझे लखनऊ जनपद के जगह अवध प्रांत की जिम्मेदारी दें तो मुझे पूर्ण विश्वास था कि आप संगठन के लिए बेहतर करेंगे।
फिर कुछ कारणों से हम दोनों अलग हुए मंजिल एक थी पर राह अलग। परसों आपका बधाई सन्देश मिला मेरे जन्मदिवस पर और ज्यादा बात न हो पाई।और कल शाम को यह दुःखद संदेश। विश्वास नहीं होता।अभी तो बहुत काम करना था। आपका यूं जाना दुखद रहा।
जो भी आपको जानता था आपका व्यक्तित्व उसके हृदय में हमेशा अमर रहेगा। प्रभु इस दुखद समय में आपके परिवार को यह दुःख सहने की शक्ती दें।
ॐ शांति, विनम्र श्रद्धांजलि

17/04/2024

"नवमी तिथि मधुमास पुनीता।
सुकुल पच्छ अभिजित हरिप्रीता।।
मध्य दिवस अति सीत न घामा।
पावन काल लोक बिश्रामा।।"
आपको और आपके पूरे परिवार को प्रभु #श्रीराम के प्राक्टय दिवस #रामनवमी की हार्दिक बधाई 🙏🙏🙏
भगवान श्री राम आपकी समस्त मनोकामना पूर्ण करे।

25/03/2024

सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति कारुण्यगंधने।
लब्ध्वा शुभं होलिकापर्वेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम्‌।।

जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदना करुणा को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है, उसी तरह आने वाला हमारा यह होली का पर्व आपके लिए हर दिन, हर पल के लिए मंगलमय हो

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी।।लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध...
22/01/2024

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी।।
लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।
भूषन बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी।।
कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता।
माया गुन ग्यानातीत अमाना बेद पुरान भनंता।।
करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता।
सो मम हित लागी जन अनुरागी भयउ प्रगट श्रीकंता।।
ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै।
मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर पति थिर न रहै।।
उपजा जब ग्याना प्रभु मुसकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै।
कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै।।
माता पुनि बोली सो मति डौली तजहु तात यह रूपा।
कीजै सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा।।
सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होइ बालक सुरभूपा।
यह चरित जे गावहिं हरिपद पावहिं ते न परहिं भवकूपा।।

भए प्रगट कृपाला दीन दयाल कौशल्या हितकारीजय श्री राम
21/01/2024

भए प्रगट कृपाला दीन दयाल कौशल्या हितकारी
जय श्री राम

यहां होंगे प्रभु श्री राम लला विद्यमान
19/01/2024

यहां होंगे प्रभु श्री राम लला विद्यमान

31/12/2023
13/12/2023

इस्लाम के लिए शेख चिल्ली की तरह कसमें खाने वाले 56 इस्लामिक मुल्कों में कोई मर्द पैदा हुआ की चीन के खिलाफ बोल सके चीन ने 16000 मस्जिद तोड़ दी !कुरान हदीस टोपी पर प्रतिबंध है हिन्दुस्तान के तमाम मुनाफिक मक्कार उलेमा ईमाम देवबंदी वहाबी सलफमानी बरैलवी कायमखानी पठान रहमानी इस्लाम के 72 फिरके किसी ने भी चीन के खिलाफ प्रदर्शन नहीं किया उईगर मुसलमानों के लिए कुछ नहीं बोला विरोध प्रदर्शन किया हैं? मगर सीएए भारत के सनातन संस्कृति के खिलाफ प्रदर्शन करते है नबी के शहर का शहजादा चीनीयों के साथ फोटो खिचातें हुए हँसी ठिठोली करते हुए यही औकात मदीना ए रियासत की चीनीयों ने इस्लाम को घुटनों पर ले आया पैसा बोलता है ईमान कुछ नहीं होता।

11/12/2023

*निवेदन है की दो मिनट का समय निकाल कर जरूर पढ़े ये बकवास नहीं है सच्चाई है समाज की......*
*एक कटु सत्य..!!*

रिश्ते तो पहले होते थे।
अब रिश्ते नही सौदे होते हैं।
बस यहीं से सब कुछ गड़बड़ हो रहा है।

अभी 90% किसी भी माँ बाप मे अब इतनी हिम्मत शेष नही बची कि बच्चों का रिश्ता अपनी मर्जी से कर सकें।

पहले खानदान देखते थे।
सामाजिक पकड़ और सँस्कार देखते थे और अब ....

मन की नही तन की सुन्दरता , नोकरी , दौलत , कार , बँगला।

लड़की वालो को घर ऐसा चाहिए जहां नोकर चाकर हो।
परिवार छोटा ही हो ताकि काम न करना पङे और इस छोटे के चक्कर मे परिवार कुछ ज्यादा ही छोटा हो गया है।

पहले रिश्तो मे लोग कहते थे कि मेरी बेटी घर के सारे काम जानती है और अब....

हमने बेटी से कभी घर का काम नही कराया यह कहने में शान समझते हैं।

इन्हें रिश्ता नही बेहतर की तलाश है। रिश्तों का बाजार सजा है गाङियों की तरह।
शायद और कोई नयी गाङी लांच हो जाये।
इसी चक्कर मे उम्र बढ रही है।
अंत मे सौ कोङे और सौ प्याज खाने जैसा है

अजीब सा तमाशा हो रहा है।
अच्छे की तलाश मे सब अधेड़ हो रहे हैं।

अब इनको कौन समझाये कि एक उम्र मे जो चेहरे मे चमक होती है वो अधेङ होने पर कायम नही रहती , भले ही लाख रंगरोगन करवा लो ब्युटिपार्लर मे जाकर।

एक चीज और संक्रमण की तरह फैल रही है।
नोकरी वाले लङके को नोकरी वाली ही लङकी चाहिये।

अब जब वो खुद ही कमायेगी तो क्यों आपके या आपके माँ बाप की इज्जत करेगी.?

खाना होटल से मँगाओ या खुद बनाओ!

लड़की वालो को लड़का अकेला चाहिए,माता पिता से अलग रहता हो,सयुक्त परिवार तो कतई नहीं चलेगा! (पूछ्ते है घर मे डस्टबिन कितने है)😭

बस यही सब कारण है आजकल अधिकाँश तनाव के!

एक दूसरे पर अधिकार तो बिल्कुल ही नही रहा।
उपर से सहनशीलता तो बिल्कुल भी नहीं।
इसका अंत आत्महत्या और तलाक!

घर परिवार झुकने से चलता है , अकड़ने से नहीं.।

जीवन मे जीने के लिये दो रोटी और छोटे से घर की जरूरत है बस और सबसे जरुरी आपसी तालमेल और प्रेम प्यार की लेकिन....

आजकल हर घरों मे सारी सुविधाएं मौजूद हैं....
कपङा धोने की वाशिँग मशीन
मसाला पीसने की मिक्सी
पानी भरने के लिए मोटर
मनोरंजन के लिये टीवी
बात करने मोबाइल
फिर भी असँतुष्ट...

पहले ये सब कोई सुविधा नहीं थी। पूरा मनोरंजन का साधन परिवार और घर का काम था , इसलिए फालतू की बातें दिमाग मे नहीं आती थी।
न तलाक न फाँसी

आजकल दिन मे तीन बार आधा आधा घँटे मोबाइल मे बात करके , घँटो सीरियल देखकर , ब्युटिपार्लर मे समय बिताकर।

नई बहु अपनी सुख शांति की तलाश बाबा राम रहीम के चरणों में ढुढती है । अपने सास ससुर में नजर आती है नफरत जो बहु की मैके वाली और सखियां द्वारा बीज बोया जाते रहता है। जब दल-दल में फस जाती है तब कोई उपचार नहीं है आत्महत्या के अलावा।
सहनशीलता नाम मात्र की भी नही बची है!
कालेज मे आज जूनियर हो तो कल सीनियर बनोगे।
ससुराल मे आज बहू हो तो कल सास बनोगी।
समय से शादी करो।
स्वभाव मे सहनशीलता लाओ। परिवार में सभी छोटे बडों का सम्मान करो।
ब्याज सहित वापिस मिलेगा।
लड़कियां ससुराल से थोड़े से समय में वापस आ जाती हैं,किसी में हिम्मत नहीं बची के समझा सके!
पूरी जिंदगी निकल जाती है,इंसान को समझने में ,आप दो महीने या तीन महीने में केसे समझ सकते हो!
और फिर जिंदगी परखने के लिए नही समझने के लिए बनी है!
आत्मघाती मत बनो।
जीवन मे उतार चढाव आता है।
सोचो समझो फिर फैसला लो।
बङो से बराबर राय लो।
उनके उपर और ऊपर वाले पर विश्वास रखो
विचार करे की हम कहा से कहा आ गये...!!
किसी भी नकारत्मक प्रतिक्रिया से बचे,सोचे समझे और मनन करें!
🙏🏾

आपको पता है अभी कुछ साल पहले 2019 में अक्षय कुमार अभिनीत एक फ़िल्म रिलीज हुई थी, नाम था मिशन मंगल, फ़िल्म ने चारों और वा...
08/12/2023

आपको पता है अभी कुछ साल पहले 2019 में अक्षय कुमार अभिनीत एक फ़िल्म रिलीज हुई थी, नाम था मिशन मंगल, फ़िल्म ने चारों और वाहवाही बटोरी थी चूंकि फ़िल्म रियल टाइम स्टोरी पर आधारित थी तो सभी को पसंद आई थी। सारे दृश्य पर्दे पर हूबहू उतारे गए थे और फ़िल्म देखते हुए लगता था कि आप भी मंगल मिशन की टीम का हिस्सा बन गए हो।

मुझे भी फ़िल्म बहुत पसंद आई, पर आपको याद होगा फ़िल्म में एक दृश्य दिखाया गया था जिसमें एक महिला साइंटिस्ट जिसका नाम नेहा सिद्दीकी है, वह एक दीनी महिला है और उसे रहने के लिए घर ढूंढने में बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ी थी।

जहाँ भी वह किराये पर घर देखने जाती वही उसका धर्म पता चलते ही मना कर दिया जाता। बड़ा ही इमोशनल हो गया था मैं, की इतनी खूबसूरत और टेलेंटेड वैज्ञानिक को लोगों ने घर देने से मना कर दिया, मैं शॉक्ड था। अगर आपने मूवी देखी है तो आप भी शॉक्ड हो गए होंगे और गुस्सा भी आया होगा, आना भी चाहिए । बताइये एक वैज्ञानिक जो दिन रात देश के लिए खून पसीना एक कर रहे हैं उनके लिए हमारे देश में इतना भेदभाव होता है, कितनी ओछी मानसकिता है यह, है ना?

बस यही सब दिमाग में चल रहा था...खैर इंटरनेट खोला और ISRO के बारे में खोज करना शुरू किया तो पता चला कि इसरो अपने सभी वैज्ञानिकों और इंजीनीयरों को अपार्टमेंट्स देता है, अब ये पता चला तो दिमाग घूमा कि अगर इसरो अपार्टमेंट दे रहा है तो किराये पर घर कोई क्यों लेगा?

नेहा सिद्दीकी को गूगल पर ढूंढा तो कहीं दिखी ही नहीं, इसके बाद मंगल मिशन की पूरी टीम चेक करने लगा कि देखें तो सही कि अपने रियल हीरो वास्तव में दिखते कैसे हैं।
मैंने पूरी टीम के एक एक मेंबर के नाम खंगाल लिए पर मुझे नेहा सिद्दीकी नाम की कोई वैज्ञानिक, या इंजीनियर तो छोड़िए कोई टेक्नीशियन भी नहीं मिली।

शॉक्ड लगा न? मुझे भी यह देखने के बाद 440 वोल्ट का झटका लगा था कि पूरी टीम में एक भी मुस्लिम महिला या पुरुष नहीं था पर बावजूद इसके फ़िल्म के मेकर्स ने अभिव्यक्ति की आजादी या मौलिक स्वतंत्रता के नाम पर यह कहानी प्लॉट की, जिसमें दिखाया गया कि भारत में कैसे एक मुस्लिम महिला को कोई अपना घर किराये पर नहीं देता, चाहे वह महिला इसरो की कोई वैज्ञानिक ही क्यों न हो।
और फ़िल्म के पोस्टर पर वही महिला को दिखा कर लिखा गया कि "Science Has No Religion"

जी हाँ धीमा जहर कैसे घोला जाता है ये बॉलीवुड वाले अच्छे से जानते हैं, मैंने तो यह crosscheck कर लिया पर कितने लोग ऐसा करते होंगे?

ऐसे ढेरों सीन थे पर इसके अलावा एक सीन और था अगर आपको याद हो....

याद किजिए विद्या बालन का बेटा कहता है मैं नमाज पढूंगा। । उसका बाप संजय कपूर लड़ता है उससे
लेकिन बेटा कहता है कि नही मुझे नमाज पढ़नी ही है , और उसकी मम्मी सहयोग करती है।।। याद कीजिए, बस यही प्रोपेगैंडा है जो ये फैलाते हैं। और उससे भी बड़ी बात कि रियल स्टोरी में आधे से ज्यादा झूठ मिला होने के बाद भी सेंसर बोर्ड इनकी फिल्मों को पास कर देता है, इसे अतिश्योक्ति ही कहा जायेगा..

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