10/09/2026
श्रीमती जी के द्वारा बताएं गए वक्तव्यों के अनुरूप यही लग रहा है कि यह धूर्त व्यक्ति पूर्व में अय्याशी करने में एक साथ अनेकों स्त्रियों से संबध रखने एवं संबंध बनाने में निपुण रहा होगा कालांतर में आर्केस्ट्रा देखने के लिए जब इसके पास धन का अभाव होने की स्थिति में यह धूर्त व्यक्ति व्यास पीठ को अपनी आमदनी का साधन बना कर व्यास पीठ को भी दूषित करने लगा एवं व्यास पीठ की मर्यादा को दर किनार करके व्यास पीठ को ही अपनी आमदनी का मार्ग बना लिया इसने और आजकल के मूर्ख लोग जो स्वयं को इसका सबसे बड़ा चेला और शिष्य मानते हैं वही इसका लालन पालन कर रहे हैं अतः व्यास पीठ सुरक्षा परिषद् इन जैसे धूर्त ढोंगियों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करता है एवं इनके चेले एवं शिष्यों को भी सीधी तौर पर आदेश देता है कि आप लोग इन जैसे महामूर्खों को अपना गुरु ना बनाएं गुरु उसी को बनाएं जो परंपरा से हो
UP Police आपसे निवेदन है कि इस विषय पर अति शीघ्र ध्यान केंद्रित करते हैं यशोचित कार्यवाही करें
आगे नारायण इच्छा