राम मंदिर

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जय श्री राम
29/04/2024

जय श्री राम

जय श्री राम #रामलला    #अयोध्या  #प्रार्थना
26/02/2024

जय श्री राम
#रामलला #अयोध्या #प्रार्थना

खुशखबरीराममंदिर को मिला राष्ट्रीय मंदिर का दर्जाजिनको ख़ुशी हुई हो जयकारा अवश्य लगे प्रभु आराध्य श्रीराम का॥ जय श्री राम...
11/02/2024

खुशखबरी
राममंदिर को मिला राष्ट्रीय मंदिर का दर्जा
जिनको ख़ुशी हुई हो जयकारा अवश्य लगे प्रभु आराध्य श्रीराम का
॥ जय श्री राम✊

इष्टदेव मम बालक रामा। सोभा बपुष कोटि सत कामा॥निज प्रभु बदन निहारि निहारी। लोचन सुफल करउँ उरगारी॥    🚩
05/02/2024

इष्टदेव मम बालक रामा।
सोभा बपुष कोटि सत कामा॥

निज प्रभु बदन निहारि निहारी।
लोचन सुफल करउँ उरगारी॥


🚩

जय श्री राम The world's greatest power Shri Ramजो श्री राम के सामने नहीं झुकेगा, काल उसका समूल विनाश करेगा......। #अयोध्...
05/02/2024

जय श्री राम
The world's greatest power Shri Ram
जो श्री राम के सामने नहीं झुकेगा, काल उसका समूल विनाश करेगा......।
#अयोध्या #राम #मंदिर #प्रार्थना

नवकंज लोचन कंज मुखकर,कंज पद कन्जारुणम्।। कंदर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरज सुन्दरम्।  🙏🚩
28/01/2024

नवकंज लोचन कंज मुखकर,
कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरज सुन्दरम्।

🙏🚩

समस्त देशवासियों को 75वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत को लोकतान्त्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित करने हेतु ...
26/01/2024

समस्त देशवासियों को 75वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

भारत को लोकतान्त्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित करने हेतु अपना योगदान देने वाले समस्त महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, महान विभूतियों, वीर-वीरांगनाओं और अमर शहीदों को कृतज्ञता-पूर्वक नमन।

आइए, हम 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत-आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण हेतु संकल्पित हों।

जय हिन्द !!
जय श्री राम 🚩


#गणतंत्र_दिवस

अयोध्या राम मंदिर में भगवान श्री राम के साथ माता सीता क्यों नहीं है?22 जनवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क...
26/01/2024

अयोध्या राम मंदिर में भगवान श्री राम के साथ माता सीता क्यों नहीं है?
22 जनवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अयोध्या में भगवान श्री राम का स्थापना कर प्राण प्रतिष्ठा का पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ| इस बीच वहां पर साधु संत के अलावा भारत के बड़े-बड़े दिग्गज भी शामिल थे. प्राण प्रतिष्ठा नरेंद्र मोदी के साथ RSS चीफ मोहन भागवत के द्वारा किया गया. इस पूरी समारोह को भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के करोड़ों लोग अपनी आंखों से TV और YouTube पर देख रहे थे. जब समारोह चल रहा था उस समय Aaj Tak के यूट्यूब चैनल पर 13 लाख से ज्यादा यूजर लाइव समारोह को देख रहे थे, जो कि अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड दर्ज किया गया| लेकिन इन सभी के मन में एक ही सवाल था. अयोध्या राम मंदिर में भगवान श्री राम के साथ माता सीता क्यों नहीं है क्या राम मंदिर ट्रस्ट से कोई गलती हुई या ऐसा जानबूझकर किया गया है.
भगवान श्री राम और माता सीता का अलौकिक संबंध
अब तक आपने जितने भी भगवान श्री राम के प्रतिमा को देखा होगा उसमें भगवान श्री राम के साथ माता सीता और लक्ष्मण जी भी जरूर होते हैं. अधिकतर प्रतिमा में हनुमान जी भी साथ ही होते हैं| इतना ही नहीं जब भगवान श्री राम वनवास जा रहे थे तब भी उनके साथ लक्ष्मण जी और सीता जी साथ गई थी| लेकिन 500 वर्षों की कठिन संघर्ष और तपस्या के बाद बने अयोध्या के इस पवित्र मंदिर में माता सीता क्यों नहीं, कई लोग तो यह दावा कर रहे हैं कि राम मंदिर ट्रस्ट से कोई गलती हुई है तो कुछ लोग यह कह रहे हैं की 2024 में चुनाव होना है इसीलिए बीजेपी ने जल्दी बाजी में ऐसा किया है, लेकिन आपको बता दें कि यह दोनों ही दावे गलत है और इस बात की जानकारी खुद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने दे दिया है.

भगवान श्री राम के साथ माता सीता क्यों नहीं
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने बताया कि, मंदिर परिसर में जिस गर्भगृह में रामलला का प्राण प्रतिष्ठा हुआ है, वहां माता सीता की कोई मूर्ति नहीं है. यहां केवल रामलला की मूर्ति विराजित है. यहां रामलला की मूर्ति 5 वर्ष के बालक के रूप में विराजित है. यानी यह भगवान का ऐसा स्वरूप है, जिसमें उनकी शादी नहीं हुई है. यही कारण है कि यहां माता सीता की मूर्ति नहीं है. क्योंकि यहां रामलला बालक रूप में विरामान है.भगवान राम का जब माता सीता संग विवाह हुआ था, तब उनकी उम्र 27 वर्ष थी. इसका वर्णन तुलसीदास जी द्वारा लिखित रामचरितमानस में एक दोहे में किया गया है, तो क्या अयोध्या में माता सीता की कोई मूर्ति नहीं होगी इसका जवाब आगे जाने

तो क्या अयोध्या में माता सीता की कोई मूर्ति नहीं होगी
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने इस प्रश्न का जवाब देते हुए आगे बताया कि अयोध्या में मुख्य मंदिर के अलावा जन्मभूमि परिसर में 7 और अन्य मंदिर बनाने का कार्य भी चल रहा है. इनमें भगवान के गुरु ब्रह्मर्षि वशिष्ठ, ब्रह्मर्षि विश्वामित्र, महर्षि वाल्मीकि, अगस्त्य मुनि, रामभक्त केवट, निषादराज और माता शबरी के मंदिर शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन सातों मंदिरों का काम चल रहा है और 2024 के अंत तक इन मंदिरों का कार्य भी पूरा हो जाएगा. इतना ही नहीं आपको बता दे कि पहले से ही अयोध्या में कई ऐसी मंदिर हैं जिसमें भगवान श्री राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी एक साथ देखने को मिल जाते हैं आप इस आर्टिकल को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने में हमारी मदद करें ताकि किसी भी राम भक्त के मन में इस तरीके का कोई भी सवाल ना रहे.

🚩*_राम मन्त्र का अर्थ...._*र', 'अ' और 'म', इन तीनों अक्षरों के योग से *'राम' मंत्र बनता है।* यही राम रसायन है। 'र' *अग्न...
18/01/2024

🚩*_राम मन्त्र का अर्थ...._*

र', 'अ' और 'म', इन तीनों अक्षरों के योग से *'राम' मंत्र बनता है।* यही राम रसायन है। 'र' *अग्निवाचक है। 'अ' बीज मंत्र है। 'म' का अर्थ है ज्ञान।* यह मंत्र पापों को जलाता है, किंतु पुण्य को सुरक्षित रखता है और ज्ञान प्रदान करता है। हम चाहते हैं कि पुण्य सुरक्षित रहें, सिर्फ पापों का नाश हो। *'अ' मंत्र जोड़ देने से अग्नि केवल पाप कर्मो का दहन कर पाती है* और हमारे शुभ और सात्विक कर्मो को सुरक्षित करती है।

*'म' का उच्चारण करने से ज्ञान की उत्पत्ति होती है।* हमें अपने स्वरूप का भान हो जाता है। इसलिए हम र, अ और म को जोड़कर एक मंत्र बना लेते हैं- *राम। 'म' अभीष्ट होने पर भी यदि हम 'र' और 'अ' का उच्चारण नहीं करेंगे तो अभीष्ट की प्राप्ति नहीं होगी।*

‘रा’ अक्षर के कहत ही निकसत पाप पहार ।

पुनि भीतर आवत नहिं देत ‘म’कार किंवार ।।

*अर्थात्—‘रा’ अक्षर के कहते ही सारे पाप शरीर से बाहर निकल जाते हैं और वे दुबारा शरीर में प्रविष्ट नहीं हो पाते* क्योंकि ‘म’ अक्षर तुरन्त शरीर के सारे दरवाजे (किवाड़) बन्द कर देता है ।

मानव शरीर पापों को भोगने के लिए मिला है, *जब सारे पाप ही शरीर से निकल जाएंगे* तो शरीर अपने-आप स्वस्थ, पवित्र और ओजयुक्त हो जाएगा ।

राम सिर्फ एक नाम नहीं अपितु एक मंत्र है, *जिसका नित्य स्मरण करने से सभी दु:खों से मुक्ति मिल जाती है।* राम शब्द का अर्थ है- मनोहर, विलक्षण, चमत्कारी, पापियों का नाश करने वाला व भवसागर से मुक्त करने वाला।

*'रामनाम' से आशय विष्णु के अवतार राम की भक्ति से है या फिर निर्गुण निरंकार परम ब्रह्म से।*

विद्वानों ने शास्त्रों के आधार पर राम के *तीन अर्थ निकाले हैं।* राम नाम का पहला अर्थ है *'रमन्ते योगिन: यस्मिन् राम:।'* यानी 'राम' ही मात्र एक ऐसे विषय हैं, जो योगियों की *आध्यात्मिक-मानसिक भूख हैं,* भोजन हैं, आनन्द और प्रसन्नता के स्त्रोत हैं।

राम का दूसरा अर्थ है, *'रति महीधर: राम:।',* 'रति' का प्रथम अक्षर 'र' है और 'महीधर' का प्रथम अथर 'म', राम। 'रति महीधर:' *सम्पूर्ण विश्व की सर्वश्रेष्ठ ज्योतित सत्ता है,* जिनसे सभी ज्योतित सत्ताएं ज्योति प्राप्त करती हैं।

' राम' नाम का का तीसरा अर्थ है, *'रावणस्य मरणं राम:'।* 'रावण' शब्द का प्रथम अक्षर है 'रा' और 'मरणं' का प्रथम अक्षर है 'म'। रा+ म= *राम यानी वह सत्ता, जिसकी शक्ति से रावण मर जाता है।*

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संघ की प्रार्थना अर्थ सहितRSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रार्थना🚩🇮🇳🚩 नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमेत्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्...
13/01/2024

संघ की प्रार्थना अर्थ सहित
RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रार्थना🚩🇮🇳

🚩 नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम्।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते॥ १॥

प्रभो शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्राङ्गभूता
इमे सादरं त्वां नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बध्दा कटीयम्
शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये।

अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिं
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत्
श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं
स्वयं स्वीकृतं नः सुगं कारयेत्॥ २॥

समुत्कर्षनिःश्रेयस्यैकमुग्रं
परं साधनं नाम वीरव्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्रानिशम्।

विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम्।
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं
समर्था भवत्वाशिषा ते भृशम्॥ ३॥

॥ भारत माता की जय ॥

🚩🇮🇳संघ की प्रार्थना का अर्थ –

हे वात्सल्यमयी मातृभूमि, तुम्हें सदा प्रणाम! इस मातृभूमि ने हमें अपने बच्चों की तरह स्नेह और ममता दी है। इस हिन्दू भूमि पर सुखपूर्वक मैं बड़ा हुआ हूँ। यह भूमि महा मंगलमय और पुण्यभूमि है। इस भूमि की रक्षा के लिए मैं यह नश्वर शरीर मातृभूमि को अर्पण करते हुए इस भूमि को बार-बार प्रणाम करता हूँ।

हे सर्व शक्तिमान परमेश्वर, इस हिन्दू राष्ट्र के घटक के रूप में मैं तुमको सादर प्रणाम करता हूँ। आपके ही कार्य के लिए हम कटिबद्ध हुवे है। हमें इस कार्य को पूरा करने किये आशीर्वाद दे। हमें ऐसी अजेय शक्ति दीजिये कि सारे विश्व मे हमे कोई न जीत सकें और ऐसी नम्रता दें कि पूरा विश्व हमारी विनयशीलता के सामने नतमस्तक हो। यह रास्ता काटों से भरा है, इस कार्य को हमने स्वयँ स्वीकार किया है और इसे सुगम कर काँटों रहित करेंगे।

ऐसा उच्च आध्यात्मिक सुख और ऐसी महान ऐहिक समृद्धि को प्राप्त करने का एकमात्र श्रेष्ट साधन उग्र वीरव्रत की भावना हमारे अन्दर सदेव जलती रहे। तीव्र और अखंड ध्येय निष्ठा की भावना हमारे अंतःकरण में जलती रहे। आपकी असीम कृपा से हमारी यह विजयशालिनी संघठित कार्यशक्ति हमारे धर्म का सरंक्षण कर इस राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने में समर्थ हो।

॥ भारत माता की जय॥
#प्रार्थना

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