23/07/2023
महादेव और पार्वती की एक छोटी सी कहानी:
जगत के सर्वशक्तिमान भगवान शिव और उनकी शक्ति पार्वती की कहानी को युगों तक सुनते आए हैं। वे सबके दिलों में रहते हैं और प्रेम के दरबार में सबके दिलों को छू जाते हैं।
कई साल पहले, उमा नामक एक सुन्दरी बालिका थी, जो वन्य जीवन में रहने के लिए अपने माता-पिता के साथ पहाड़ों के गहरे जंगलों में रहती थी। उमा की खूबसूरती का असर देखकर देवराज इंद्र ने भी उसे अपनी स्वर्गलोक में बुलाने का सोचा। इंद्र के दुष्ट इरादे का भगवान शिव ने भी अहसास कर लिया। इसलिए, वे भगवान विष्णु के साथ संयोग से उमा के रूप में वन में पहुंचे।
एक दिन, उमा ने वन में भगवान शिव को देखा और प्यार में पड़ गई। वह अपनी प्रेम की भावना को लेकर बहुत उदास हो गई, क्योंकि उसे पता था कि भगवान शिव एक संसारिक जीवन नहीं जी सकते। फिर भी, वह न तो किसी से विवाह करने के लिए राजी थी, और न ही किसी और को अपने प्रेम का इजहार करने के लिए तैयार थी।
भगवान शिव ने उमा के मन की बात जान ली और उन्होंने अपने सामर्थ्य का अहसास कराया। उन्होंने उमा से कहा, "ओ बालिके, मैं तेरे प्रेम में पागल नहीं हूँ। अपनी व्रत-विधि के कारण मैं किसी भी लौट नहीं सकता, लेकिन मैं तुझसे हमेशा प्रेम करता रहूंगा।"
उमा ने भगवान शिव के शब्दों को ध्यान से सुना और उसे समझ गई कि उनका प्रेम सच्चा है। वह आभारी थी कि भगवान शिव ने उसे स्वीकार किया था, इसलिए उसने भी भगवान शिव के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया।
उमा के इजहार के बाद, भगवान शिव और पार्वती दोनों एक-दूसरे में खो गए और सारे ब्रह्मांड का आनंद सम्पूर्णता से भर गया। उनके प्रेम की गाथा आज भी सुनाई जाती है और उनके प्रेम के उत्साह से यह संसार आज भी सजीवन है।
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