17/08/2026
अस्सलामुअलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातुहु
उर्स-ऐ-मख़्दूमी के मौके पर चादर-पोशी व गुल-पाशी (बर-मज़ार-ऐ-मुबारक) हुज़ूर अशरफ-उस-सुफिया, हुज़ूर आला हज़रत अशरफी मियाँ, हुज़ूर आलिम-ऐ-रब्बानी, हुज़ूर मुजाहिद-ऐ-दौरा अ॰र॰ व दीगर खुर्द-ओ-कलाँ का एक खूबसूरत और रूहानी मंज़र।
मिन-जानिब:-
खानकाह-ऐ-हसनीया अशरफ-उस- सूफिया,
मुजाहिद-ऐ-दौराँ फाउंडेशन
दरगाह,किछौछा शरीफ