26/08/2026
सबसे पहली चीज़ जिसे ख़ुदा नया करना चाहता है, वह हैं आप।
*"अगर कोई मसीह में है, तो वह नई सृष्टि है। पुरानी बातें बीत गई हैं। देखो, सब कुछ नया हो गया है।" - २ कुरिन्थियों ५:१७
और
*"तुम्हें अपनी पुरानी ज़िंदगी को उतार देना है, जो अपनी धोकेबाज़ ख़्वाहिशों की वजह बिगड़ता चला जाता है। अपने मन की सोच में नए बनते जाओ और नए स्वभाव को पहन लो, जो ख़ुदा के स्वरूप के अनुसार हक़ीक़ी रास्तबाज़ी और पाकीज़गी में रचा गया है।" - इफ़िसियों ४:२२-२४ HINOVBSI
आने वाले दिनों में हम, हमारी ज़िंदगी के उन अलग-अलग हिस्सों के बारे में बात करेंगे जिन्हें ख़ुदा नया करना सबसे पहली चीज़ जिसे ख़ुदा नया करना चाहता है, वह हैं आप।
*"अगर कोई मसीह में है, तो वह नई सृष्टि है। पुरानी बातें बीत गई हैं। देखो, सब कुछ नया हो गया है।" - २ कुरिन्थियों ५:१७
और
*"तुम्हें अपनी पुरानी ज़िंदगी को उतार देना है, जो अपनी धोकेबाज़ ख़्वाहिशों की वजह बिगड़ता चला जाता है। अपने मन की सोच में नए बनते जाओ और नए स्वभाव को पहन लो, जो ख़ुदा के स्वरूप के अनुसार हक़ीक़ी रास्तबाज़ी और पाकीज़गी में रचा गया है।" - इफ़िसियों ४:२२-२४ HINOVBSI
आने वाले दिनों में हम, हमारी ज़िंदगी के उन अलग-अलग हिस्सों के बारे में बात करेंगे जिन्हें ख़ुदा नया करना चाहता है।
ग़ौर करें कि यहाँ यह नहीं लिखा कि नया बनने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी है या बहुत से नेक काम करके इसे कमाना है।
यह करना बहुत आसान हैं:
मसीह में बने रहे।
ख़ुदको नया बनने दे। (अपनी कोशिशों से नहीं।)
अपने नए स्वभाव को पहने। (बस उसे क़बूल कर लो।)
यह इतना ही आसान है और यह कितना अद्भुत तोहफ़ा है! है। लेकिन आज मैं चाहता हूँ कि आप ऊपर दी गई आयतों को फ़िर से पढ़ें और इस बात पर मनन करें कि नए बनाए हुए स्वभाव की हक़ीक़त में कितनी अहमियत होती है।
ग़ौर करें कि यहाँ यह नहीं लिखा कि नया बनने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी है या बहुत से नेक काम करके इसे कमाना है।
यह करना बहुत आसान हैं:
मसीह में बने रहे।
ख़ुदको नया बनने दे। (अपनी कोशिशों से नहीं।)
अपने नए स्वभाव को पहने। (बस उसे क़बूल कर लो।)
यह इतना ही आसान है और यह कितना अद्भुत तोहफ़ा है!