26/08/2026
वृंदावन की एक शांत शाम थी। फूलों की खुशबू से पूरा कुंज महक रहा था और कृष्ण अपनी मधुर बाँसुरी बजा रहे थे। तभी राधा जी मुस्कुराती हुई उनके पास आकर बैठ गईं।
राधा जी ने प्यार से पूछा, “कान्हा, आपके पास दुनिया की इतनी सुंदर चीज़ें हैं, फिर भी आपकी मुस्कान सबसे ज्यादा कब खिलती है?”
कृष्ण ने राधा जी की बड़ी-बड़ी आँखों में देखकर कहा, “जब तुम सामने होती हो, तब वृंदावन भी मुझे और सुंदर लगता है।”
राधा जी मुस्कुराईं और बोलीं, “और अगर मैं कभी दूर चली गई तो?”
कृष्ण ने धीरे से कहा, “प्रेम में दूरी होती है, बिछड़ना नहीं। तुम मेरे पास रहो या दूर, मेरे हृदय में तुम्हारा स्थान कभी नहीं बदल सकता।”
उस पल दोनों की आँखों में प्रेम था और चेहरे पर ऐसी मुस्कान, जैसे पूरी सृष्टि को सुकून मिल गया हो।
सच्चा प्रेम वही है, जो पास होने पर मुस्कुराए और दूर होने पर भी दिल से साथ निभाए। ❤️🌸
राधे राधे 🙏💖