25/05/2026
🌹 **सतगुरु का प्रेम — एक कदम तुम बढ़ाओ, सौ कदम वह बढ़ाते हैं** 🌹
🙏 राधास्वामी जी 🙏
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“वह एक क़दम भी मेरे क़रीब आता है
तो मैं सौ गुना उसके क़रीब आऊँगा।
और जब वह चलकर मेरे पास आता है
तब मैं दौड़कर उसके पास आऊँगा।”
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— *राबिया : द वुमन हू मस्ट बी हर्ड*
साध संगत जी,
यह शब्द केवल पढ़ने के लिए नहीं हैं…
यह आत्मा को जगाने वाले शब्द हैं। ❤️
जब कोई जीव सच्चे दिल से अपने सतगुरु की ओर मुड़ता है,
तो सतगुरु उसे अपनाने में एक पल की भी देर नहीं करते।
हम सोचते हैं कि हम मालिक को खोज रहे हैं…
लेकिन सच्चाई यह है कि मालिक तो जन्मों से हमें खोज रहा है। 🙏
🌸 **सतगुरु का प्रेम कैसा होता है?** 🌸
दुनिया का हर रिश्ता किसी न किसी स्वार्थ से जुड़ा होता है।
लेकिन सतगुरु का रिश्ता केवल प्रेम से जुड़ा होता है।
हम चाहे लाख भूल जाएँ…
लेकिन सतगुरु कभी अपने बच्चे को नहीं भूलते। ❤️
हम गिरते हैं…
वह संभाल लेते हैं।
हम रोते हैं…
वह चुपचाप हमारे आँसू महसूस करते हैं।
हम दूर चले जाते हैं…
लेकिन उनकी रहमत कभी हमसे दूर नहीं जाती। ✨
🌿 **सतगुरु देह नहीं, शाश्वत शक्ति हैं** 🌿
कई बार संगत के मन में यह दर्द उठता है कि
“अगर सतगुरु देहस्वरूप में हमारे सामने न रहें तो क्या होगा?”
लेकिन सच्चाई यह है कि —
सतगुरु कभी दूर नहीं होते। 🙏
वह केवल शरीर नहीं हैं।
वह तो नाम की वह शक्ति हैं जो हर पल हमारे भीतर धड़क रही है।
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“हमारे सतगुरु अब भी हमारे साथ हैं
और तब तक हमारे साथ रहेंगे
जब तक वह हमें परमात्मा के पास नहीं पहुँचा देते।”
✨
जब हम सिमरन करते हैं…
वह सुनते हैं।
जब हम रोकर उन्हें पुकारते हैं…
वह महसूस करते हैं।
जब पूरी दुनिया हमें अकेला छोड़ देती है…
तब भी सतगुरु हमारे साथ खड़े रहते हैं। ❤️
💔 **जुदाई की पीड़ा भी कृपा है** 💔
साध संगत जी,
सच्चा प्रेम वही है जिसमें तड़प हो… इंतजार हो… मिलन की प्यास हो…
जिस दिल में सतगुरु की जुदाई की पीड़ा जाग जाती है,
समझ लो उस आत्मा का जागरण शुरू हो गया। 🌹
शेख़ फ़ख़रुद्दीन इराक़ी ने कितना सुंदर लिखा है —
✨
“ख़ुश है वह दिल
जो तुम्हारी जुदाई की पीड़ा के ज़रिए
मुक्ति पा लेता है।”
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यह दर्द दुनिया का दर्द नहीं होता।
यह वह दर्द होता है जो आत्मा को परमात्मा तक पहुँचा देता है। 🙏
🌅 **जब अंतर में मिलन होता है…** 🌅
एक दिन ऐसा आता है
जब यह दूरी खत्म हो जाती है…
न कोई जुदाई रहती है…
न कोई तड़प…
फिर आत्मा अपने सतगुरु में ऐसे समा जाती है
जैसे बूंद समुंदर में मिल जाती है। 🌊
और वही असली मुक्ति है। ✨
🌺 **आज का संदेश** 🌺
अगर आप सच में सतगुरु के करीब आना चाहते हैं तो —
थोड़ा समय सिमरन को दीजिए…
थोड़ा मन सेवा में लगाइए…
थोड़ा प्रेम सत्संग में जगाइए… ❤️
बस एक कदम आप बढ़ाइए…
बाकी सौ कदम सतगुरु खुद आपकी ओर बढ़ाएंगे। 🙏
🌹 राधास्वामी जी 🌹
अगर यह सत्संग आपके दिल को छू गया हो तो —
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