19/01/2026
गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है, जो देवी दुर्गा के शक्तिशाली रूप हैं। ये दस महाविद्याएं हैं:
- *मां काली*: तंत्र की देवी, अद्वितीय शक्ति और संरक्षण की देवी
- *मां तारा*: तारिणी के नाम से भी जानी जाती है, जो भक्तों को संकट से बचाती हैं
- *मां त्रिपुर सुंदरी*: सर्वोच्च देवी, श्री विद्या साधना का केन्द्र
- *मां भुवनेश्वरी*: सृष्टि की अधीश्वरी और सर्वशक्तिमान देवी
- *मां छिन्नमस्ता*: आत्म-दया, भय से मुक्ति और शक्ति की देवी
- *मां त्रिपुरभैरवी*: भय को नष्ट करने वाली देवी
- *मां धूमावती*: मृत्यु की देवी, जो शत्रुओं का नाश करती हैं
- *मां बगलामुखी*: शत्रुओं को वश में करने वाली देवी
- *मां मातंगी*: तांत्रिक सरस्वती, ज्ञान और संगीत की देवी
- *मां कमला*: तांत्रिक लक्ष्मी, धन और समृद्धि की देवी
# # # पूजा विधान:
1. *घटस्थापना*: गुप्त नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना करें।
2. *पूजा*: सुबह और शाम को देवी की पूजा करें।
3. *नैवेद्य*: देवी को फल, फूल, और नैवेद्य अर्पित करें।
4. *मंत्र जाप*: देवी के मंत्रों का जाप करें।
5. *आरती*: देवी की आरती करें।
6. *कन्या पूजन*: अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें।
7. *उपवास*: उपवास रखें और देवी की पूजा करें।
8. *दान*: दान-पुण्य करें।
# # # नैवेद्य:
- फल: आम, केला, नारियल
- फूल: गुड़हल, कमल
- नैवेद्य: खीर, बताशे, नारियल
# # # मंत्र:
- *मां काली*: ऊं क्रीं कालिकायै नमः
- *मां तारा*: ऊं तारायै नमः
- *मां त्रिपुर सुंदरी*: ऊं ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीये नमः
- *मां भुवनेश्वरी*: ह्रीं भुवनेश्वरीय ह्रीं नमः
- *मां छिन्नमस्ता*: ऊं छिन्नमस्तायै नमः
- *मां त्रिपुरभैरवी*: ऊं त्रिपुर भैरवीये नमः
- *मां धूमावती*: धूं धूं धूमावती दैव्ये स्वाहा
- *मां बगलामुखी*: ऊं ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्वदृष्टानां मुखं, पदम् स्तम्भय जिव्हा कीलय, शत्रु बुद्धिं विनाशाय ह्रलीं ऊं स्वाहा
- *मां मातंगी*: ऊं मातंग्यै नमः
- *मां कमला*: ऊं कमलायै नमः
ध्यान रखें, गुप्त नवरात्रि में पूजा करते समय शुद्धता और एकाग्रता का विशेष ध्यान रखें।